*संवाद :अजय पांडे*
जौनपुर। बदलापुर क्षेत्र के सरायगुंजा गांव निवासी 33 वर्षीय अरुण यादव ने अफ्रीका महाद्वीप के तंजानिया देश से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते हुए न केवल अपनी पहचान बनाई है, बल्कि पूरे जनपद को गौरवान्वित किया है।
गांव की माटी से निकलकर अरुण यादव ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत मुंबई में की, जहां उन्होंने डीवाई पाटिल क्लब की ओर से करीब 10 वर्षों तक क्रिकेट खेला। इस दौरान उन्होंने मुंबई की टीम से टी-20 मुकाबले भी खेले और दाएं हाथ के ऑलराउंडर के रूप में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस टीम में उनके साथ दिग्गज क्रिकेटर रोहित शर्मा भी शामिल रहे।
वर्ष 2024 में अरुण यादव तंजानिया चले गए, जहां उन्होंने छह माह तक अंडर-19 महिला टीम के कोच के रूप में कार्य किया। इसके बाद उनके प्रदर्शन को देखते हुए उनका चयन तंजानिया की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टीम में हो गया।
तंजानिया की ओर से अब तक खेले गए 11 टी-20 मुकाबलों में अरुण यादव ने 421 रन बनाए हैं, जिसमें तीन अर्धशतक शामिल हैं। इसके अलावा गेंदबाजी में भी उन्होंने छह विकेट लेकर टीम को कई महत्वपूर्ण मौकों पर जीत दिलाई है। जर्मनी के खिलाफ लिया गया उनका हैट्रिक विकेट विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा, जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
बताया जाता है कि अरुण यादव ने करीब दस वर्षों तक भारतीय टीम में चयन के लिए लगातार प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर उन्होंने तंजानिया का रुख किया। वहां अपनी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।
अरुण यादव ने क्षेत्र के युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि सफलता कड़ी मेहनत और धैर्य से ही मिलती है। उन्होंने कहा कि उन्हें भी 32 वर्ष की उम्र में सफलता मिली, इसलिए कभी हार नहीं माननी चाहिए और ईमानदारी से प्रयास करते रहना चाहिए।
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