विचार लो कि मर्त्य हो, न मृत्यु से डरो कभी,
मरो परन्तु यों मरो, कि याद जो करें सभी।
हुई न यों सुमृत्यु तो, वृथा मरे वृथा जिये,
मरा नहीं वही कि जो, जिया न आपके लिए।
यही पशु प्रवृत्ति है, कि आप आप ही चरे,
वही मनुष्य है कि जो, मनुष्य के लिए मरे॥
उ0प्र0 प्राथमिक शिक्षकसंघ की एक आकस्मिक बैठक कैम्प कार्यालय कचहरी में विधायक जफराबाद डा. हरेन्द्र प्रसाद सिंह की उपस्थिति में जिलाध्यक्ष अरविन्द शुक्ला की अध्यक्षता में सम्पन्न हुयी। श्रद्धांजलि सभा में संवेदना ब्यक्त करते हुए डा0 हरेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा अटल जी कालजयी व्यक्तित्व के स्वामी थे वे राजनीति के ऐसे अजातशत्रु थे जिनका कोई विरोधी नहीं था। उनके निधन से राष्ट्र की अपूर्णनीय क्षति हुयी है। राजनीति में आयी इस शुन्यता को कोई भर पायेगा ऐसा मुझे नहीं लगता। परमात्मा ने भले ही उन्हें अपनी शरण में ले लिया है पर वे हमारे बीच अपने विचारों एवं कविताओं के माध्यम से सदैव जीवित रहेंगे।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अरविन्द शुक्ला ने संवेदना ब्यक्त करते हुए कहा कि अटल जी का व्यक्तित्व इतना विशाल था कि उसको शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता है। अटल जी को भारतीय राजनीति का गौरव थे, जिनकी ओजपूर्ण भाषण शैली वर्षो तक भारतीय दिलों में अंकित रहेगा।
मीडिया प्रभारी लक्ष्मीकांत सिंह ने संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि आज एक युग का अन्त हो गया देश के निर्माण में उनका योगदान अतुलनीय है। कोमल हृदय कवि राष्ट्र रक्षा हेतु पोखरण परमाणु परिक्षण करके दुनिया को दिखाया कि देश रक्षा के लिए हम कुछ भी बलिदान कर सकते हैं।
श्रद्धांजलि सभा में बिरेन्द्र प्रताप सिंह, पदमाकर राय, संतोष सिंह, उमेश मिश्रा, विष्णु तिवारी, योगेन्द्र मौर्या, राघवेन्द्र मिश्रा, दिनेश सिंह, रजनीश सिंह, लाल साहब यादव, प्रशान्त मिश्रा, अखिलेश सिंह सहित अन्य शिक्षकगण मौजूद रहे।
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