बदलापुर,जौनपुर: अभिनव आदर्श प्रा०वि०डोमपुर, महराजगंज, जौनपुर के आदर्श प्रधानाध्यापक केशव प्रसाद सिंह को शिक्षक अवार्ड के लिए चयनित किया गया है उपरोक्त शिक्षक को आगामी 8,व 9 जून को हरिद्वार के अभ्युदय वात्सल्य समिति द्वारा आयोजित राष्ट्रीय शैक्षिक विमर्श एवं शिक्षक सम्मान समारोह में बेसिक शिक्षा में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया जायेगा।समिति के प्रवक्ता ने बताया कि नवाचारी एवं गुणात्मक शिक्षा का भारत की बुनियादी शिक्षा बेसिक शिक्षा तंत्र को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाने पर उपरोक्त आदर्श प्रधानाध्यापक को सम्मानित किया जायेगा।आदर्श शिक्षक श्री सिंह ने कहा कि व्यक्ति और समाज मे हो रहे परिवर्तनों का प्रभाव शिक्षा पर भी पड़ा है शिक्षा को समयानुकूल बनाने के लिए शैक्षिक विधाओं में नवाचार ने अपनी उपयोगिता और सार्थकता स्वयं सिद्ध कर दी है।शैक्षिक नवाचारों का उद्भव स्वतः नहीं होता बल्कि उन्हें खोजना पड़ता है तथा सुनियोजित तरीके से इन्हें प्रयोग में लाना होता है ताकि शैक्षिक कार्यक्रमों को परिवर्तित परिवेश में गति मिल सके और परिवर्तन के साथ गहरा तारतम्य बनाये रख सकें। श्री सिंह ने बताया कि मंथन कार्यक्रम में इस तथ्य पर भी शिक्षाविद प्रकाश डालेंगे कि सरकारी शिक्षा में नवाचार कि आवश्यकता क्यों है? दुनिया अब बहुत तेजी से बदल रही है अब बड़े छोटो को हरा नही पाएंगे अब जो तेज है वो धीमे को हराएंगे।आवश्यकता आविष्कार की जननी होती है ठीक उसी प्रकार आज शिक्षण पद्धतियों में बदलाव छात्रों को विद्यालय लाने के तरीकों में परिवर्तन लाज़िमी है जगजाहिर है कि कुछ बदलाव करने के लिए समाज की बेहतरी के लिए जो ठोस कदम उठाए जाते हैं जो नवाचार प्रयोग में लाये जाते है आरम्भ में कठिन मेहनत तो करनी पड़ती है कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ता है लेकिन अंत मे सफलता मिलनी तय है।नवाचार में या तो सफलता मिलेगी नहीं तो नया अनुभव अवश्य ही मिलेगा जो आगामी रणनीति में उपयोगी होगा क्योंकि परिवर्तन सार्वभौमिक सत्य है। "प्रकृति उन्हीं को जीने का अधिकार देती है जो जीवन संघर्ष में सफल होते है"

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