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बुधवार, 29 अप्रैल 2020

▶️प्रधान पुत्र को डीएम-एसपी ने दिया प्रशस्ति-पत्र▶️अजय की सूझबूझ ने गांव को संक्रमण से बचायासिंगरामऊ (जौनपुर) कोरोना वायरस जैसी महामारी को लेकर एक तरफ जहां पूरा देश प्रभावित है वही बगल के गांव करनपुर में प्रधान पुत्र की सूझबूझ के चलते पूरा गांव संक्रमित होने से बच गया। अजय कुमार जयसवाल करनपुर गांव की प्रधान कौशल्या देवी के पुत्र हैं। जब से लाकडाउन हुआ है यह हमेशा कोशिश में रहते है कि गांव में कौन बाहर से आ रहा है। कौन जा रहा है। सब पर पूरी नजर रखे थे और समय-समय पर पुलिस प्रशासन को सूचना देते रहते थे। मुंबई से नौ लोगों की करनपुर आने की सूचना मिली तो अजय कुमार ने पुलिस प्रशासन की मैसेज भेज कर आगाह कर दिया कि मुंबई से चलकर करनपुर गांव आ रहे हैं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो पूरा गांव संक्रमण की चपेट में आ जाएगा। अंत में अजय व प्रशासन का सहयोग रंग लाया और 9 लोगों को शेल्टर होम में रखा गया। मंगलवार को जनपद में 3 नए केस पॉजिटिव मिले हैं। ज्ञान चंद पुत्र लालता प्रसाद चौहान, किशनलाल पुत्र मुन्नी चौहान दोनों करनपुर तहसील बदलापुर के रहने वाले हैं। 24 अप्रैल को राम प्रसाद की ट्रक में जो स्वयं भी करनपुर के रहने वाले हैं मुंबई से बदलापुर आए थे। गांव के प्रधान उनके संपर्क में थे। प्रधान ने इन सबको बदलापुर में रोक लिया और अस्पताल ले गए जहां इनको चेकअप के बाद सल्तनत बहादुर इंटर कॉलेज में 14 दिन के शेल्टर क्वॉरेंटाइन में रखा गया और वहां पर इनका 24 अप्रैल को ही नमूना लेकर बीएचयू भेजा गया। इन 9 लोगों में से 2 लोगों का सैंपल पॉजिटिव आया। प्रधान पुत्र ने बहुत ही होशियारी का काम किया। प्रधान की जितनी प्रशंसा की जाए वह कम है। उनकी सूझबूझ की वजह से लोग गांव नहीं जा पाए और सीधे शेल्टर होम में अस्पताल में जांच करके रखा गया। इसी तरह अन्य प्रधानों को भी सावधानी बरतनी होगी तभी संक्रमण को रोका जा सकता है।

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