प्रतापगढ़
उकसाने में पति को छह वर्ष की कठोर कारावास
अपर सत्र न्यायाधीश भैरव लाल ने विजय कांत तिवारी निवासी सकरदहा बाघराय को आत्महत्या के लिए अपनी पत्नी को उकसाने के आरोप में छह वर्ष का कठोर कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वादी मुकदमा राम ललन द्विवेदी निवासी दुबान का पुरवा होलागढ़ इलाहाबाद के अनुसार 13 जुलाई 2004 से छह वर्ष पूर्व उसकी बेटी रेखा की शादी विजय कांत के साथ हुई थी। उन्होंने अपनी क्षमता के अनुसार शादी में दहेज दिया, लेकिन उसके घर वाले दहेज से संतुष्ट नहीं थे। दहेज में हीरो होंडा मोटर साइकिल की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। सास द्रौपदी, ससुर रमेश चंद्र, जेठ मणिकांत व पति ने उससे कहा कि दस हजार रुपये लाओ नहीं तो जिंदा नहीं रहने देंगे। 18 जून को उन लोगों ने दूध में जहर पिला दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। स्वरूपरानी अस्पताल ले जाने पर 20 जून 2004 को उसकी मौत हो गई। राज्य की ओर से पैरवी एडीजीसी मो.नसीम खां ने की। उक्त मुकदमें में द्रौपदी देवी, रमेश चंद्र, मणिकांत को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।
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