सुलतानपुर हिन्दू धर्म का ऐतिहासिक धार्मिक स्थान सुल्तानपुर जनपद में लम्भुआ तहसील क्षेत्र के शाहगढ़ ग्राम पंचायत में गोमती नदी के किनारे पर जिले के प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में शुमार धोपाप धाम में स्नान पर्व कल यानि चार जून को है। सिर्फ स्नान के जरिए पापों से मुक्ति पाने की चाह में बहुत भारी तादात में कई जिले के श्रद्धालु यहाँ पहुंचते हैं। बताया जाता है कि जब भगवान श्रीराम रावण का वध कर अयोध्या लौट रहे थे तब उन्होंने ब्रम्ह हत्या से मुक्त होने के लिए यहाँ पर आदि गंगा गोमती में अपने पाप धोये थे | यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में महिलाओं की खासी संख्या होती है। गोमती नदी के किनारे शाहगढ़ गांव पंचायत में स्थित धोपाप धाम लोगों की श्रद्धा व आस्था का केंद्र बना हुआ है यहाँ टीले पर भगवान राम-जानकी का बड़ा मनोरम मंदिर है। दियरा रियासत द्वारा इस मंदिर की स्थापना करीब 400 साल पहले की गई थी। कहा जाता है कि दियरा के राजा इस मंदिर की पताका दर्शन अपने महल से कर श्री राम जी को प्रणाम करते थे | आजादी से पहले इस स्थान पर राजाओं का भी शासन रहा। इसके कई प्रमाण इतिहासकारों को मिले। यह ऐतिहासिक धर्मस्थली है | यहाँ पर करोडो हिन्दुओ की आस्था जुडी हुयी है | यहाँ 1 दिन पहले से ही तकरीबन हजारों से ज्यादा श्रद्धालु पहुँच चुके हैं | उनमे काफी उत्साह भी दिख रहा है |
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