रेवाड़ी । सोशल मीडिया पर खाने की बुराई करने के आरोपों के चलते सीमा सुरक्षा बल के बर्खास्त तेजबहादुर बृहस्पतिवार को अपने घर पहुंचे। अपने गृह जिले रेवाड़ी पहुंचने पर रोडवेज बस से उतरते ही पत्नी शर्मिला, पूर्व विधायक नरेश यादव व अन्य परिजनों ने उनका माला पहनाकर जोरदार किया स्वागत। इस दौरान यहां मौजूद पत्रकारों से तेज बहादुर ने कहा कि मैंने कुछ गलत नहीं किया, लेकिन सजा गलत दी गई। सबूत देने के बावजूद बर्खास्त किया गया। ऐसे में वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
वहीं, इससे पहले एएनआइ से बातचीत में कहा कि मैं सरकार से निवेदन करता हूं कि वह मेरी बात सुने। मैं यह कहना चाहता हूं। मैंन कोई वेतनमान या सुविधा बढ़ाने की बात नहीं कही, बल्कि मैंने तो सिर्फ अच्छे खाने और छुट्टियों का मसला उठाया था।
मुझे अपनी बात रखने का मौका ही कहां दिया गया। मुझे इतने दिनों तक गिरफ्तार करके रखा गया। मैंने ऊंचे लेवल पर हर जगह शिकायत की थी। कहीं सुनवाई नहीं हुई। मुझे बर्खास्त करने में भी नियमों का ध्यान नहीं रखा गया। मैं बर्खास्तगी के खिलाफ कोर्ट जाऊंगा। मुझे सोशल मीडिया पर वीडियो डालने के असर की जानकारी नहीं थी। मैं तो भ्रष्टाचार के खिलाफ पीएम मोदी की मुहिम का हिस्सा बनना चाहता था।
इससे पहले बीएसएफ ने जवान तेजबहादुर यादव को बुधवार को बर्खास्त कर दिया था। इस पूरे मामले की जांच की जिसमें पाया गया था कि तेजबहादुर यादव के कारण बीएसएफ की छवि को नुकसान पहुंचा है। इससे पहले बीएसएफ ने तेज बहादुर का वीआरएस रद कर दिया गया था। तब बीएसएफ ने कहा था कि जब तक जांच पूरी नहीं होती है तब तक वह बीएसएफ को नहीं छोड़ सकते।
जम्मू के पुंछ में लाइन ऑफ कंट्रोल पर तैनात तेज बहादुर ने 9 जनवरी को सोशल मीडिया में वीडियो डालकर खराब खाना दिए जाने की शिकायत की थी। इस मामले ने काफी काफी तूल पकड़ा था। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी बीएसएफ से इस मामले की पूरी जांच करने को कहा था। इस वीडियो के आने के बाद कई और जवानों के मिलते-जुलते वीडियो सामने आए थे।
tikhiawaz24.in
गुरुवार, 20 अप्रैल 2017
बर्खास्त तेजबहादुर बृहस्पतिवार को अपने घर पहुंचे
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें