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रविवार, 11 सितंबर 2016

बिपुल सिंह

गैर सरकारी स्कूलों में बेखौफ की जा रही टीसी ,मार्कसीट के नाम पर अवैध धन उगाही

बदलापुर / जौनपुर-
विकास खण्ड बदलापुर में तमाम कुकुरमुत्ते की तरह उगे गैर सरकारी इंटर कालेजों मे अवैध धन उगाही कर अपनी जेबें गरम करने वाले संचालक गरीब जनता की जेबे काटने पर तुले हुए है, इनकी खबर लेने वाला कोई माई का लाल नहीं जन्मा है। जी हॉ बात कर रहे है एक ऐसे स्कूल की जिसका संचालक शिक्षा के क्षेत्र में हेराफेरी का माहिर है और जो बात की जा रही है वह है सोलहों आने सच।  बदलापुर के मेढ़ा गॉव में "डा० अभयजीत मिश्र इंटर कालेज" के नाम से जब उक्त स्कूल का शिलान्यास हुआ तो क्षेत्रवासियों की खुशी का ठिकाना नही रहा लेकिन चार सालों में ही स्कूल प्रशासन के क्रूर कारनामे से अभिभावकों को जो जलालत झेलनी पड़ी शायद लोग सपने में भी नही सोचे होंगे। स्कूल को इंटरमीडिएट की कक्षाएं संचालित करने की मान्यता शायद इस वर्ष मिली है कि नही यह भी कन्फर्म नही है क्योंकि इस विषय में कोई कुछ भी बताना नही चाहता। परन्तु इंटर मीडिएट की कक्षाएं विभागीय अधिकारियों की अनुकंपा पर दो साल पहले से ही संचालित की जा रही है, अभिभावकों यह बताया गया कि यह स्कूल मान्यता प्राप्त है और यहं बाहरी अध्यापको द्वारा गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान की जायेगी, परन्तु जब ग्यारवीं कक्षा के छात्र बारवीं की बोर्ड परीक्षा देने के लिए तैयार हुए तो जून माह तक की फीस वसूलकर उनसें हैशियत के अनुसार सुविधा शुल्क लेकर प्रवेश पत्र किसी दूसरे विद्यालय के नाम से दिया गया तो छात्रों के साथ अभिभावकों के भी होश उड़ गये।जबकि शिक्षण सत्र मार्च माह तक ही है। खैर तब तक तो गनीमत थी, परीक्षा निर्धारित केन्द्रों पर नकल कराने के नाम पर पुन: सुविधा शुल्क लेकर किसी तरह संपन्न हो गयी, बोर्ड द्वारा परीक्षा फल भी घोषित कर दिया गया। छात्रों और अभिभावकों को तब चक्कर आने लगा जब वे टीसी मार्कसीट लेने स्कूल पहुँचे क्योंकि स्कूल के प्रधानाचार्य गिरीश चंद्र मिश्र द्वारा खुले आम टीसी, मार्कसीट के लिए प्रति छात्र डेढ़ से दो सौ रूपये वसूलने के बाद देने की बात कही गयी, और अभिभावको द्वार विरोध जताने पर प्रधानाचार्य ने कहा कि यह प्रबंधक का आदेश है, मैं भी आज्ञाकारी हूँ बगैर पैसे लिए टीसी मार्कसीट नही दे सकता। मरता क्या न करता बेचारे अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य की चिंता मे डूबे अगली कक्षा में प्रवेश क् लिए समयाभाव के कारण पैसा देकर टीसी मार्कसीट प्राप्त किए।इस बावत पिछले सप्ताह जिला विद्यालय निरीक्षक जौनपुर भाष्कर मिश्र से बात की गयी तो उन्होंने बताया कि प्रवेश पत्र और टीसी मार्कसीट के लिए कोई शुल्क नही लिया जाना चाहिए, जो ऐसा कर रहा है गलत कर रहा है ,जॉच कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी रही बात जून तक फीस वसूलने की तो अब तक परंपरा चली आ रही थी लेकिन अब नये शिक्षण सत्र में फीस भी मार्च माह तक ही ली जानी चाहिए। स्कूल संचालक के इस मनमानी रवैये से जहॉ क्षेत्रवासियों में आक्रोश है वहीं प्रशासनिक स्तर पर ऐसे भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न होना विभागीय अधिकारियों की उदासीनता साफ देखी जा रही है।

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