तेजीबाज़ार-- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश की उड़ रही धज्जिया,मुख्यमंत्री द्वारा अवैध बुचड़खानो को बंद कराने का जो अभियान चलाया गया उसमें तो अधिकान्श बुचड़खानो को तो प्रशासन ने बंद करवा दिया परंतु अभी भी बहुत ऐसे मार्केट,चौराहे आदि हैं जहाँ पर प्रशासन से बिना अनुमति लिये बगैर लाइसेंस के ही खुले में ही मांस की बिक्री हो रही हैं, जैसे स्थानीय सुबाष चौराहे पर ही खुले में हो रही मांस की बिक्री पर प्रशासन चुप्पी साधे बैठी हैं, राह चलते राहगीरो,महिलाये,बच्चें, तथा स्थानीय अन्य दुकानदारो को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता हैं,चौराहे पर रहने वालों ने कई बार प्रयास किया कि चौराहे से दूर इसकी बिक्री हो परंतु ऐसा नही हो पाया!
स्थानीय लोगों का कहना हैं कि चौराहे पर हो रही मांस की बिक्री पर रोक लगाई जाय तथा इन्हे सुबाष चौराहे से लगभग दो किलोमीटर दूरी पर मांस की बिक्री करने के लिये दबाव बनाया जाय, यह कार्य प्रशासन के अलावा कोई नही करा सकता, क्योकि स्थानीय लोग कई बार प्रयास करके थक हार गये हैं, इन दुकानदारों के पास ना तो लाईसेंस हैं और ना ही प्रशासन द्वारा इन्हे मांस की बिक्री करने की कोई अनुमति ही !बीते दिनो एक-दो लोग बिक्री करते थे परंतु आज की तारीख में लगभग दर्जनों से ज्यादा दुकानदार सड़क के दोनों किनारो पर बैठकर आराम से खुले में मांस बेचते नजर आ रहे हैं, उस रास्ते से गुजरना दुभर हो गया हैं,
मांस का टुकडा हड्डी आदि सड़को पर भी फेक देते हैं, दर्जनो कुत्ते इसकी लालच में सड़क पर दौड़ते-फिरते रहते हैं,इन्ही लोगो के कारण सड़क से गुजरने वाले साईकिल सवार,मोटर गाडी वाले कुत्तों से टकराकर गिरते रहते हैं ! स्थानीय लोगों ने प्रशासन से माँग की हैं कि चौराहे पर हो रही मांस की बिक्री पर रोक लगाई जाय तथा इन्हे सुबाष चौराहे से लगभग दो किलोमीटर दूरी पर मांस की बिक्री करने के लिये निर्देशित किया जाय,
माँग करने वालो में सन्दीप गुप्ता, रामकुमार मोदनवाल, अवधेश चन्द्र उमर वैश्य, पुजारी उपाध्याय, सतीष चन्द्र उमर वैश्य, विजय दुबे, अरुण सिंह, सिताराम उमर, सन्दीप सिंह, सौरभ कौशिक सलामतपुर, दिलीप सिंह, चंदन सिंह, मनीष सिंह गौराकलां, अखिलेश यादव सहित तमाम लोग है !

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