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| प्रधान :- सन्तलाल |
जौनपुर सिंगरामऊं -यहां तो विकास की बात बेमानी सी लगती है। यूपी में सड़कों का कायाकल्प होगा यह सुनते सुनते लोगों ने कई महीने बिता दिये, लेकिन जो आज के 10 वर्ष पहले स्तिथि थी आज भी स्तिथि जस की तस बनी है। सड़कों की जाल बिछाने वाली पिछली सरकारों में सड़कें तो बहुत बनी मगर उससे गुणवत्ता का अभाव और रख रखाव की कमी थी। बताते चले की क्षेत्र में करोड़ों की लागत से निर्मित सड़कों की जर्जर स्थिति लोगों के लिए परेशानी साबित हो रही है।
बड़े बड़े गड्ढों में तब्दील सड़कों पर आवागमन में काफी दिक्कत का सामना करना पर रहा है। सड़कों के मेंटनेंस को लेकर विभाग के अधिकारी गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। क्षेत्र में ठेकेदारों के गारंटी अवधि वाले सड़कों की स्थिति भी ठीक नहीं है। ऐसी ही एक सड़क जो बहरीपुर - ढखवा की लाइफ लाईन मानी जाने वाली है जिसकी हालत बद से बदतर है। तीन जिला मुख्यालयों से जोड़ने वली कम दुरी की सड़क का हाल जिस तरह का है उससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि यूपी में विकास की रफ्तार क्या है। बहरीपुर से ढखवा की दूरी मात्र 8 किलोमीटर है।
परन्तु आने जाने में घंटो तक का समय लगता है। इस सड़क की और रहने वाले ग्रामीण बताते है कि एक बार इस सड़क कि मरम्मती की गई लेकिन मरम्मती के नाम पर सिर्फ़ रुपए की उगाही हुई ऐसे में सड़क की जर्जरता के कारण विकास की क्या उम्मीद की जा सकती है। इस सड़क का निर्माण करीब 15 वर्ष पूर्व कराया गया था। इस सड़क से हजारो लोगो का आवागमन होता है सैकड़ों गाड़ी का आना जाना लगा रहता है। आये दिन जर्जर सड़क व बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण घटना घटती रहती है। वहीं लोगों को आने जाने में काफी दिक्कत का सामना होता है। ग्रामीणो का कहना है की उक्त सड़क का कोई देखन हार नहीँ है। भाजपा की सरकार बनने पर फरमान जारी हुआ कि 15 जून तक प्रदेश की सभी सड़के गढ्ढा मुक्त कर दी जांय, परन्तु समय मात्र एक माह का बचा है अभी इस सड़क पर मैटेरियल गिरने की बात तो दूर रही, आज तक कोई विभागीय अधिकारी या कर्मचारी इसे देखने व सर्वे करने भी नही आया तो कैसे अंदाजा लगाया जाय कि निर्धारित अवधि तक इस सड़क की मरम्मत कैसे होगी। उक्त सड़क की ओर न तो किसी जनप्रतिनिधि का ध्यान जा रहा है और न कोई विभागीय स्तर से हीं पहल हो रही है। ग्रामीणो ने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो वे आंदोलन करने को विवश होगें।
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| आशीष उपाध्याय |
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| उमाशंकर यादव |
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| बबलू पाण्डेय |
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