जौनपुर। उ0प्र0 श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के तत्वावधान में (सम्बद्ध आई0एफ0डब्ल्यू0जे0) कलेक्टेªट स्थित सामुदायिक सभागार/पत्रकार भवन में हिन्दी पत्रकारिता दिवस के उपलक्ष्य में संगोष्ठी हिन्दी पत्रकारिता के समक्ष नई चुनौतियॉ का आयोजन किया गया। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ सम्पादक कैलाश नाथ ने किया। मुख्य अतिथि बी0एच0यू0 के प्रोफेसर डा0 आर एन त्रिपाठी रहे। विशिष्ट अतिथि दीवानी बार के महामंत्री अनिल सिंह कप्तान रहे। अतिथियों द्वारा मॉ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन किया गया। सरस्वती बन्दना प्रियेश मिश्र ने प्रस्तुत किया। समारोह का संचालन कुॅवर यशवन्त सिंह ने किया। उ0प्र0 श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के अध्यक्ष ने अतिथियों आगन्तुकों और पत्रकारों का स्वागत करते हुए हिन्दी पत्रकारिता के समक्ष उपस्थित नई चुनौतियों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बनारस हिन्दु विश्वविद्यालय के समाजशास्त्री प्रो0 आर.एन.त्रिपाठी ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता का गौरवशाली इतिहास रहा है हिन्दी पत्रकारिता के क्षेत्र में पूर्वजों के योगदान को स्मरण किया जाना चाहिए। हिन्दी भारत की आत्मा और दुनियॉ की विराटतम भाषा है। उन्होंने कहा कि सुकृत्य ही जीवन्त रहते है समाचार पत्र वास्तुविकता की कसौटी पर खरे उतरे यही समय की मॉग है।
कार्यक्रम के अध्यक्ष कैलाश नाथ ने कहा कि अन्याय के प्रति न्याय ही सच्ची पत्रकारिता है अन्याय पराभूत और न्याय विजयी हो यही अभीष्ट लक्ष्य बने। न्याय राष्ट्र और समाज हित में होना चाहिए। उन्होंने महापुरुषों के जीवन चरित से प्रेरणा लेने की आवश्यकता बताई।
पूर्वांचल विश्व विद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के प्रवक्ता डा0 मनोज मिश्र ने कहा कि पत्रकारिता के सम्मुख सबसे बड़ी चुनौती विश्वसनीता की है सोशल मीड़िया और इलेक्ट्रानिक मीडिया के वावजूद विश्वसनीयता पर प्रिन्ट मीडिया ही खरा उतरता है। उन्होंने कहा हिन्दी पत्रकारिता मिशन थी मिशन है और मिशन रहेगी। किशोर न्याय बोर्ड के पूर्व चैयर मैन संजय उपाध्याय ने हिन्दी पत्रकारिता के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। दीवानी वार के पूर्व महामंत्री कामरेड जयप्रकाश ने कहा हिन्दी पत्रकारिता जटिल और कठि़न दौर में शुरु हुई जो निरन्तर प्रवाहमान है। उन्होंने कहा आजादी की लड़ाई में देश के लिए मरने वालों की बहुतायत थी लेकिन आजादी भारत में देश की लिए जीने वालों की संख्या कम है सोचना होगा। निर्भीक और निष्पक्ष लेखनी ने बड़ी-बड़ी हुकूमतों को पलट दिया जब तक पत्रकारिता की आजादी सुरक्षित है तभी तक देश की आजादी सुरक्षित है। दीवानी बार के महामंत्री और कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि अनिल सिंह कप्तान ने हिन्दी पत्रकारिता की चुनौतियों पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका भविष्य उज्ज्वल है क्योंकि हर चुनौती का सामना करने में हिन्दी पत्रकारिता सक्षम है। उन्होंने कहा कि
‘‘ऑधियों के झोके हर पेड पर पडे़ है,
जिनकी जडे़ है गहरी वे आज भी खड़े है‘‘
उन्होंने जनपद में पत्रकार पुरम और पत्रकारों के लिए मानदेय की आवश्यकता बताई। समारोह को सम्पादक साजिद हमीद, जय प्रकाश मिश्र, लल्लन उपाध्याय, सुभाष सिंह प्रधानाचार्य, आदि ने सम्बोधित किया।
इस अवसर पर उ0प्र0 श्रमजीवी पत्रकार यूनियन द्वारा हिन्दी पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा के लिए विनोद कुमार तिवारी ब्यूरोचीफ अमर उजाला एवं आदर्श कुमार सम्पादक तरुणमित्र तथा कामरेड जय प्रकाश सिंह एडवोकेट को अंगवस्तम और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। यूनियन के महामंत्री सन्तोष सोन्थालिया ने अभ्यागतों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर कैलाश नाथ मिश्र, डा0 यशवन्त गुप्ता, विरेन्द्र गुप्ता, प्रमोद कुमार पाडेय, दीपक चिटकारिया, प्रेमप्रकाश मिश्र, जितेन्द्र दुबे, डा. अखिलेश मिश्रा, सन्तोष श्रीवास्तव, पियूष पाण्डेय, जुबेर अहमद, रियाजुल हक, अरुण कुमार यादव, अमिताभ मिश्रा, लालबहादुर यादव, चन्द्र प्रकाश तिवारी, शैलेन्द्र यादव, प्रेम राम मिश्र, नौसाद अली, शमशी अजीज, ज्ञानेश्वर पाठक, सन्तोष चर्तुवेदी, दीपक मिश्रा, सुधाकर शुक्ला, ओम प्रकाश यादव, मैकुननिशा, सुशील कुमार स्वामी, सन्तोष कुमार यादव, महेन्द्र गुप्ता, रविन्द्र श्रीवास्तव, सुनील कुमार, संजय शुक्ला, पंचम मौर्या, सन्तोष कुमार दुबे, सजीव चौरासिया, मंगला प्रसाद तिवारी, शिवआसरे कश्यप, जोगेन्द्र बहादुर, दीपक गुप्ता, यादवेन्द्र दुबे, नखडू विश्वकर्मा, देवेश कुमार मिश्रा, अखिल मिश्रा, अनिल विश्वकर्मा, सुमित सिंह, त्रिभुवन उपाध्याय, सहायक सूचना अधिकारी के.के. त्रिपाठी सहित जनपद के समस्त पत्रकार उपस्थित रहे।
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