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शुक्रवार, 19 मई 2017

श्रमजीवी विस्फोट कांड मैसेज आया था आतंकवादी रोनी उर्फ आलमगीर ने न्याय मित्र श्याम शंकर तिवारी जिन्होंने दीवानी न्यायालय में उसके मुकदमे में पैरवी किया

जौनपुर - श्रमजीवी विस्फोट कांड मैसेज आया था आतंकवादी रोनी उर्फ आलमगीर ने न्याय मित्र श्याम शंकर तिवारी जिन्होंने दीवानी न्यायालय में उसके मुकदमे में पैरवी किया था उनको नैनी जेल से मार्मिक पत्र भेजा है। चिट्ठी में उसने लिखा है कि आप हमको बहुत मानते थे ।आपने हमारा मुकदमा लड़ने के लिए कहा था । मैं बहुत परेशानी में हूं ।आपसे अच्छा वकील मुझे नहीं मिलेगा ।जितनी बहस आपने जौनपुर न्यायालय में किया था उतनी बहस अगर आप हाईकोर्ट में आकर कर दें तो मैं छूट जाऊंगा ।यह जानकारी अधिवक्ता श्याम शंकर तिवारी ने दिया। उन्होंने बताया की रोनी की चिट्ठी रजिस्टर्ड डाक से दीवानी न्यायालय में उनके बैठने के पते पर आई थी।

विदित हो कि 28 जुलाई 2005 को हरपाल गंज के पास श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन में बम विस्फोट में 12 लोगों की मौत हुई और काफी संख्या में लोग घायल हुए ।विचारण व दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम रहे बुद्धिराम यादव ने आरोपी रोनी उर्फ आलमगीर निवासी बांग्लादेश को 30 जुलाई को फांसी की सजा सुनाई थी । रोनीे की तरफ से पैरवी व बहस न्याय मित्र  श्याम शंकर तिवारी एडवोकेट ने  किया था ।आतंकवादी रोनी ने फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील किया है जो लंबित है ।रोनी वर्तमान में इलाहाबाद के नैनी जेल में बंद है ।मामले में एक अन्य आरोपी अब्दुर्रहमान को भी फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। दो आरोपी हिलाल व नफीकुल जो वर्तमान में हैदराबाद के चंचलगुड़ा जेल में बंद हैं उनके मामले में फैसला होना शेष है।

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