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शुक्रवार, 12 मई 2017

चुनाव आयोग से ईवीएम में छेड़छाड़ के आरोपों पर गौर करने के लिए आयोग की अगुवाई

आम आदमी पार्टी ने आज चुनाव आयोग को चुनौती दी है कि हाल ही में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल हुई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में से कोई एक मशीन अगर मुहैया करा दी जाए तो पार्टी के विशेषज्ञ उसे हैक करने के अपने आरोपों को सही साबित करके दिखा देंगे.

आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने चुनाव आयोग से ईवीएम में छेड़छाड़ के आरोपों पर गौर करने के लिए आयोग की अगुवाई में सर्वदलीय समिति बनाने की मांग करते हुये आयोग को यह चुनौती दी. भारद्वाज ने दो दिन पहले दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रोटोटाइप ईवीएम को हैक करने का सजीव प्रदर्शन करते हुये आयोग की मशीनों में भी गड़बड़ी करने का दावा किया था. उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रतिनिधि कल आयोग द्वारा इस मुद्दे पर होने वाली सर्वदलीय बैठक में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में प्रयुक्त ईवीएम देने की मांग करेंगे.

नौ मई को दिल्ली विधानसभा में ईवीएम जैसे एक उपकरण में छेड़छाड़ हो सकने का प्रदर्शन करने वाले आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि समिति में चुनाव आयोग के अलावा सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि होने चाहिए. समिति के समक्ष आप के प्रतिनिधि आयोग द्वारा मुहैया कराई जाने वाली ईवीएम में गड़बड़ी के दावे को सच साबित कर दिखायेंगे.

चुनाव आयोग ने यहां अपने मुख्यालय में कल इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई है.

आप ने पंजाब और गोवा विधानसभा तथा हालिया एमसीडी चुनावों में उसके निराशाजनक प्रदर्शन के बाद ईवीएम का मुद्दा उठाया है। आप के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने आज यहां चुनाव आयोग मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और आगामी चुनावों में वीवीपीएटी युक्त ईवीएम इस्तेमाल करने की मांग की.

चुनाव आयोग आज 55 पार्टियों के साथ करेगा सर्वदलीय बैठक
ईवीएम की विश्वसनीयता पर बहस के बीच चुनाव आयोग इस मुद्दे पर अपना रूख बताने के लिए आज 55 राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों से मिलेगा. .

आयोग ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर चर्चा करने के लिए सात राष्ट्रीय पार्टियों और 48 राज्य स्तरीय पार्टियों की बैठक बुलाई है. गौरतलब है कि ईवीएम में लोगों का विश्वास खत्म हो जाने का दावा करते हुए 16 पार्टियों ने आयोग से मतपत्र के जरिए चुनाव कराने की व्यवस्था की ओर लौटने का अनुरोध किया था.

आयोग के ईवीएम हैकिंग चुनौती की अपनी योजना के बारे में पार्टियों को जानकारी देने की संभावना है.

प्रस्तावित बैठक से कुछ दिन पहले आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा में एक वोटिंग मशीन की हैकिंग को प्रदर्शित किया था. पार्टी ने इस प्रदर्शन के लिए ईवीएम के एक प्रारूप का इस्तेमाल किया था.

हालांकि, चुनाव आयोग ने आप के दावे को खारिज करते हुए कहा कि यह ईवीएम जैसा दिखता है लेकिन वह चुनाव आयोग का ईवीएम नहीं है. सर्वदलीय बैठक के बाद प्रस्तावित चुनौती की तारीख के बारे में फैसला किया जाएगा. कुछ पार्टियों ने मांग की है कि उन्हें उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल की गई मशीनों को परखने की इजाजत दी जाए.

मतदाताओं को रिश्वत देने को लेकर आरोप पत्र में नामजद उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित करने, चुनावी भ्रष्टाचार को गैर जमानती अपराध बनाने और ‘पेपर ट्रेल’ के जरिए मतगणना के आदेश के लिए नियमों को आसान करने जैसे मुद्दों पर कल राजनीतिक पार्टियों के साथ होने वाली बैठक में चुनाव आयोग चर्चा करेगा.

आयोग ने पिछले हफ्ते एक बयान में कहा था, ‘ईवीएम और वीवीपीएटी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए चुनाव आयोग ने 12 मई को नयी दिल्ली में सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक पार्टियों की एक बैठक बुलाई है.’

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