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शनिवार, 13 मई 2017

इससे पहले चुनाव आयोग द्वारा EVM से छेड़छाड़ को लेकर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में आयोग ने एक बार फिर कहा कि EVM मशीन के साथ छेड़छाड़ संभव नही

EVM के साथ छेड़छाड़ को लेकर उठे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि आने वाले चुनाव वीवीपैट के माध्यम से होंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने वीवीपैट के लिए फंड समेत सभी व्यवस्थाओं का वादा किया है। ऐसे में आने वाले समय में सभी चुनाव वीवीपैट के जरिए संपन्न होंगे।

इससे पहले चुनाव आयोग द्वारा EVM से छेड़छाड़ को लेकर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में आयोग ने एक बार फिर कहा कि EVM मशीन के साथ छेड़छाड़ संभव नहीं है। इसके अलावा आयोग ने EVM टैंपरिंग के आरोप लगाने वाले दलों को इसे टैंपर करने की चुनौती भी दी।

शुक्रवार को आयोग की इस बैठक में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी के उद्घाटन संबोधन के साथ बैठक शुरू हुई। केंद्रीय चुनाव आयोग ने सर्वदलीय बैठक में राजनीतिक दलों से कहा कि EVM के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है। लेकिन जो राजनीति दल कह रहे हैं कि वे EVM को टैंपर कर सकते हैं, उन्‍हें चुनाव आयोग ने चुनौती दी है कि वे EVM को हैक करने दिखाएं। चुनाव आयोग ने ऐसे दलों को रविवार और सोमवार को बुलाया है।

केंद्रीय चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बैठक के दौरान प्रेजेंटेशन दी, जिसमें EVM की सुरक्षा से जुड़ी बातों के बारे में बताया गया। दरअसल, कुछ राजनीति दलों का कहना है कि EVM के साथ बड़ी आसानी से छेड़छाड़ संभव है।

सर्वदलीय बैठक में विपक्ष दो मतों के बीच बंटा हुआ नजर आया। कुछ दल वोटर वेरिफायेबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) से चुनाव की मांग कर रहे हैं, तो कुछ बैलट पेपर को ही चुनाव का उपयुक्‍त जरिया बता रहे हैं। अभी तक EVM में टैंपरिंग की बात कर रहे सौरभ भारद्वाज अब वीवीपैट से चुनाव कराने की बात कर रहे हैं। वहीं बीएसपी बैलेट पेपर से चुनाव कराने के पक्ष में है। इधर जेडीयू के केसी त्यागी ने कहा कि चुनाव आयोग विश्वास फिर से जगाए।

इस सर्वदलीय बैठक से पहले शिवसेना नेता अनिल देसाई ने कहा कि जब EVM को लाया गया तभी बालासाहेब ठाकरे ने कहा था कि इसका इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। बैलट पेपर के इस्तेमाल से वोटों की गिनती में समय लग सकता है। इससे परिणाम आने में एक से दो दिनों तक का वक्‍त लग सकता है, लेकिन यह तरीका लोकतंत्र के लिए बेहतर रहेगा।

बता दें कि अब तक कांग्रेस वोटर वेरिफायेबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) आधारित व्यवस्था की मांग कर रही थी और यह व्यवस्था लागू होने तक मतपत्र से चुनाव करवाने को कह रही थी। लेकिन दो दिन पहले दिल्ली विधानसभा में 'आप' के एक विधायक की ओर से EVM मशीन में छेड़छाड़ के तरीके का डेमो दिए जाने के बाद इस व्यवस्था को ले कर इन्होंने भी रुख सख्त कर लिया है।

चुनाव आयोग पहले ही यह साफ कर चुका है कि अगला लोकसभा चुनाव पूरी तरह से वीवीपैट व्यवस्था पर होगा यानी हर EVM मशीन से बटन दबाने के बाद पर्ची निकलने की व्यवस्था भी होगी। किसी विवाद की स्थिति में इन पर्चियों की गिनती कर फैसला किया जा सकेगा।

*EVM मशीन ही है वीवीपैट*

वीवीपैट पूरी तरह से EVM मशीन ही है। हालांकि इसमें से रसीदें भी निकलेंगी, जो विवाद की स्थिति में अलग से गिनी जा सकेंगी। अभी तक के चुनावों में कुछ मशीनें ही वीवीपैट युक्त होती हैं, पर आने वाले सभी मशीनों में इसकी व्यवस्था की जाएगी।

गौरतलब है कि उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करने वालीं बहुजन समाज पार्टी मुखिया मायावती ने ईवीएम में छेड़छाड़ का मुद्दा सबसे पहले उठाया था। इसके बाद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर विचार करना शुरू किया।

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