जौनपुर। ट्रेजरी अफसर की मिली भगत से आयुर्वेद विभाग लाखो की हेरा फेरी। 5609रुपये के वेतन मान को 7600बना कर वेतन के पैसे से कैरियर के कर दिया भुगतान 14लाख 46हजार के भुकतान के बाद 2लाख के और भुकतान की तैयारी।
ज्ञात हो कि सजायाफ्ता श्रीप्रकाश को भ्रस्ट निदेशक ऋतुराज चौधरी को घूस लेकर क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी बना दिया ।डॉ श्रीप्रकाश बलिया से ट्रांसफर होकर जौनपुर आये है तथा बलिया की एलपीसी में 5600रुपये लिखे है परंतु 302 का मुलजिम डर श्रीप्रकाश ने फर्जी एलपीसी लगाकर ट्रेजरी अफसर राकेश कुमार सिंह के साथ साँठ गाठ कर वेतन के पैसे से एरियर का भुगतान करा लिया।
जबकि इस संबंध में ट्रेजरी अफसर राकेश कुमार सिंह को पूरी जानकारी थी।क्योकि इस भुकतान को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश जागरण के संपादक ने ट्रेजरी अफसर को सूचना भी फी थी ।लेकिन क्या करेंगे पैसे में बड़ी ताकत होती हसजी साहब।
सर्चिंग आइज इस पूरे प्रकरण का खुलाशा अपने सितंबर अंक में कर रहा हसजी किस तरह एक सजायापता को जेल में रहने के दौरान भी वेतन का भुगतान कर दिया गया।कैसे तीन सीनियर को सुपरसीड करके जूनियर को क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी बनाया गया।
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