महिला सिपाही के बैंक खाते में आए 1 अरब
पुलिस विभाग में तैनात एक महिला सिपाही अचानक अरबपति बन गई। एटीएम से बैलेंस चेक करने के दौरान उसके खाते में लगभग 1 अरब की धनराशि मिली तो सिपाही के होश उड़ गए। उसने दो बार-एटीएम से बैलेंस चेक करने को स्लिप निकाली, मगर वही धनराशि सामने अंकित आई। तत्काल उसने एसपी को मामले से अवगत कराया। पीएमओ को भी महिला सिपाही ने मामले की जानकारी भेजी है।
आगरा की बिचपुरी निवासी महिला सिपाही 40 वर्षीय रेखा रानी राजोरिया मैनपुरी में तैनात है। इस समय उसकी तैनाती एसपी द्वारा बनाए गए दबंग दल में है। चार दिन पहले उसने एलआईसी की एक पॉलिसी सरेंडर की थी। इस पॉलिसी की धनराशि दो दिन में उसके बैंक एकाउंट में पहुंचने की जानकारी दी गई थी।
बैंक खाते में धनराशि की जानकारी करने के लिए राजोरिया गुरुवार शाम पुलिस लाइन के निकट स्थित बैंक एटीएम पर बैलेंस चेक करने पहुंची। आगरा के बिचपुरी स्थित भारतीय स्टेट बैंक के अपने बैंकखाता नंबर 10665217957 का बैलेंस चेक किया तो खाते में 99 करोड़ 99 लाख 97 हजार 707 रुपये 58 पैसे स्लिप पर अंकित होकर आए। इतनी बड़ी धनराशि देख महिला का माथा घूम गया। घबराकर उसने फिर बैलेंस चेक किया तो यही धनराशि फिर निकली। उसने तत्काल एसपी सुनील सक्सेना को मामले की जानकारी दी।
पूरी रात नहीं आई नींद, महिला ने पीएमओ को भेजी शिकायत
महिला सिपाही अपने खाते में एक अरब की धनराशि देख परेशान हो गई। डिप्रेशन के चलते पूरी रात उसको नींद नहीं आई। उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराने के साथ-साथ उसने अपने परिवारीजनों को भी मामले से अवगत कराया। एसपी सुनील सक्सेना के निर्देश पर महिला सिपाही ने प्रधानमंत्री कार्यालय को इस संबंध में फैक्स भेज दिया है। भारतीय स्टेट बैंक के मैनेजर को भी इस मामले की जानकारी दी गई है। हालांकि, मैनेजर भी ये नहीं बता पा रहा कि आखिर उसके खाते में इतनी बड़ी धनराशि कहां से आई। ये फीडिंग की गलती है या फिर वास्तव में खाते में इतनी धनराशि किसी ने डाली है, इसकी बैंक ने छानबीन शुरू कर दी है।
यह खाताधारक का बैलेंस नहीं है। बीते अक्टूबर से बैंक ने केवाईसी की सख्ती की थी। इसके चलते केवाईसी मानक पूरे न होने वाले खाते चिन्हित किए गए। जिनमें इस तरह के अंक दिखाए जा रहे हैं, यह सभी खाते होल्ड पर हैं। बैंक में दर्ज पते पर इनको पत्र भी भेजा गया है। जैसे ही केवाईसी पूरी हो जाएगी, यह खाता सामान्य तरीके से बैलेंस दिखाने लगेगा।
-गोविंद माहेश्वरी, जिला समन्वयक, भारतीय स्टेट बैंक आगरा
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शुक्रवार, 16 दिसंबर 2016
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