वाराणसी की जिला पंचायत अध्यक्ष व सपा नेता इन्जीनियर अपराजिता सोनकर के पिता ज्ञानचन्द सोनकर को फर्जी डिग्री के आधार पर जेल भेज दिया गया। श्री सोनकर वर्षों से बीटीसी की नौकरी करते रहे। जिसकी जाँच हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीसीआईडी की वाराणसी सेक्टर ने किया। जाँच के दौरान उन पर लगे अारोप सही पाये गये। आज उन्होंने वाराणसी सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण किया तो न्यायालय ने उन्हें जेल भेज दिया। इस पूरे प्रकरण की जाँच सीबीसीआईडी सेक्टर वाराणसी के निरीक्षक अशोक उपाध्याय एवं सहायक निरीक्षक जितेंद्र सिंह की टीम ने विवेचना के बाद उनपर लगे आरोप को सत्य पाया और इसी विवेचना के आधार पर न्यायालय ने उन्हें जेल भेज दिया।
शिक्षा जैसे पवित्र पेशे को "यथा नाम, तथा गुण " के आधार पर करने की बजाय फर्जीगिरी के ज्ञानचन्द बने
ज्ञानचन्द सोनकर ने ऐसे वक्त में जेल में आमद दर्ज कराई है जब सूबे वजीर अपनी स्क्रीप्टेड स्क्रिप्ट के सहारे जनार्दन के समक्ष अपना चेहरा चमकाने की जुगत में हर रोज लगे हुए हैं। इन्जीनियर के तौर पर सपा का दामन थामने वाली अपराजिता सोनकर समाजवादी पार्टी के लिए बनारस में एक चेहरा थीं, लेकिन अपने पिता गिरफ्तारी से वो भी भौचक होंगी। क्योंकि उनकी गिरफ्तारी का ये समय आसन्न विधान सभा चुनाव में कम से कम बनारस की सीटों सपा की शाख पर बट्टा तो लगा ही सकता है और विरोधियों को बैठे - बैठाये सपा - कांग्रेस गठबंधन को घेरने का एक मौका भी दे सकता है।
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