दिल्ली हाई कोर्ट ने `लाभ का पद` मामले में आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को फौरी राहत देने से इनकार कर दिया है। हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि हम फौरी राहत नहीं दे सकते। गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को कथित तौर पर लाभ के पद पर काबिज होने के कारण अयोग्य घोषित किए जाने की अनुशंसा की है।
उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेजी गई अपनी राय में चुनाव आयोग ने कहा है कि संसदीय सचिव बनकर वे लाभ के पद पर हैं और दिल्ली विधानसभा के विधायक के तौर पर अयोग्य घोषित होने योग्य हैं। वहीं आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग की सिफारिश के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें