मछलीशहर - आगामी आठ मार्च को होने जा रहा विधानसभा का चुनाव, मछली शहर विधान सभा मे काफी रोचक होने जा रहा है।वर्तमान मे सपा से विधायक एंव राज्यमंत्री जगदीश सोनकर के पिछले पांच साल का लेखा जोखा मछली शहर विधानसभा की जनता के सामने होगा तो वहीं विगत तीन वर्षों से क्षेत्र मे सक्रिय बसपा प्रत्याशी सुशीला सरोज जो वर्तमान मे इलाहाबाद के प्रतापुर की ब्लाक प्रमुख हैं का मछलीशहर विधान सभा क्षेत्र मे धुआं धार दौरा करके क्षेत्र के हर वर्ग ,हर जाति मे जबर्दस्त पैठ बनाने मे अभी प्रयास जारी हैं को बसपा की आधार भूत वोट के साथ,सपा की पारम्परिक वोट मे सेंध लगाने का प्रयास जारी हैं।
जबकि पिछली बार बसपा प्रत्याशी रामफेर गौतम दूसरे नंबर पर थे, और वह मछली शहर विधान सभा के मूल निवासी भी थे ,किन्तु पिछली बसपा सरकार के कार्यों से
लोगो असंतुष्टी भी उनके हार का कारण था ।इस बार भी वह टिकट के प्रबल दावेदार थे किन्तु बसपा सुप्रीमो ने सुशीला सरोज पर दांव लगाया है।जिससे सुनने मे आया है की रामफेर गौतम अन्दर ही अन्दर नाराज हैं।
और यदि यह सत्य है तो सुशीला सरोज के लिए खतरा हो सकता है।लेकिन अभी तक बसपा मे कहीं से भी विरोध का स्वर नहीं फूटा है जो सुशीला सरोज के लिए सुकून दे रहा है।
यही बसपा के कुछ पुराने कार्यकर्ता अपनी उपेक्षा होने के नाते भीतर घात करने की सोच रहे है यदि ऐसे हुआ तो बसपा को खतरा हो सकता है।
अब बात करते हैं भाजपा प्रत्याशी अनीता रावत की जिनका मूल निवास मछली शहर विधान सभा मे नहीं है।वह भी बाहरी है ।पिछले चुनाव मे डाक्टर विनोद निगम जोकि मछली शहर विधानसभा भटहर मीरगंज के मूल निवासी हैं तथा भाजपा के प्रत्याशी थे,को भाजपा की मूल वोट का अट्ठाईस हजार मत मिला था तथा वह तीसरे स्थान पर थे। पिछले चुनाव मे भाजपा कार्यकर्ता इतने सक्रिय नहीं थे जितना इस बार हैं। इस बार भाजपा ने भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ बूथ स्तर तक अच्छा होमवर्क किया है और इस बार पार्टी के पक्ष मे हवा भी अच्छी है और भाजपा के लिए जो सबसे महत्वपूर्ण बात है कि भाजपा की जो वोट पिछली बार सपा के साथ अधिकांश मात्रा मे जुट गयी थी , जिसमें ठाकुर ,ब्राम्हण ज्यादा थे ,इस बार वह भाजपा की तरफ लौटते हुये दिखाई पड़ रही है।
इनके साथ साथ कुर्मी ,मौर्या ,पाल ,विश्वकर्मा तथा अन्य कुछ पिछड़ी जातियों के साथ कुछ बुद्धिजीवी दलितों का झुकाव भी भाजपा प्रत्याशी के पक्ष मे झुकता दिखाई पड़ रहा है।ऐसे मे भाजपा प्रत्याशी भी मजबूत दिखाई पड़ रही हैं। जहां तक सपा और कांग्रेस गठबंधन की बात है तो पिछले चुनाव मे कांग्रेस प्रत्याशी लालरत्नाकर नाग लगभग दस हजार वोट पा कर चौथे स्थान पर थे।
इस बार कांग्रेस का कोई प्रत्याशी मैदान मे नहीं है ,ऐसी स्थिति मे सपा को कितना फायदा मिल सकता है यह तो आने वाला वक्त बतायेगा।रही मुसलमान मतदाता की बात जो पिछले बार सपा के साथ मजबूती से खड़ा था और वही पहली बार बनी मछलीशहर (सुरक्षित) की सीट को सपा की झोली मे डालने का ऐतिहासिक कार्य किया था ,पिछले पांच वर्षों के कार्यकाल से उसमें से कुछ लोग अपने को ठगा सा महसूस कर रहे है और यह सत्य है इस बार वैसी सक्रियता वह सपा प्रत्याशी के पक्ष मे नहीं दिखा रहा है,आगे चलकर इस वर्ग का निर्णय क्या होगा यह भविष्य के गर्भ मे है।
इस चुनाव मे सपा प्रत्याशी व वर्तमान विधायक जगदीश सोनकर को अपने जीत और हैट्रिक लगाने के लिए ऐसी परिस्थिति मे कड़ी मसक्कत करनी पड़ेगी ।अपने सपा की पारम्परिक वोट को वह कितना संगठित कर पाते है ,यह उनपर निर्भर करेगा। मुकाबला त्रिकोणात्मक और मजेदार होगा। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि लड़ाई भाजपा और सपा के बीच ही होगी ।वक्त बतायेगा कि मछलीशहर का प्रबुद्ध मतदाता अपना अगला रहनुमा किसे चुनेगा ?सुशीला सरोज ,अनीता रावत या फिर वर्तमान विधायक जगदीश सोनकर को ही फिर आजमायेगा।कुछ भी हो मुकाबला मजेदार होगा ।किसका भाग्य चमके गा यह तो आने वाला समय ही बताये गा।
tikhiawaz24.in
शुक्रवार, 3 फ़रवरी 2017
बसपा सरकार के कार्यों से लोगो असंतुष्टी भी उनके हार का कारण
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