लखनऊ उत्तर प्रदेश विधान परिषद के तीन सदस्यों को अयोग्य घोषित किये जाने याचिका स्वीकार होने की स्थिति में सत्तारूढ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पांच में से तीन मंत्रियों के शीघ्र परिषद सदस्य बनने की उम्मीद की जा रही है।
सत्तारूढ भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत पांच मंत्री प्रदेश के किसी सदन के सदस्य नही है। मंत्रिमंडल में बने रहने के लिये पांचों मंत्रियों को आगामी 19 सितम्बर से पहले किसी सदन का सदस्य होना अनिवार्य है। विधान परिषद सभापति रमेश यादव के पास बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के दो तथा समाजवादी पार्टी (सपा) के एक सदस्य को अयोग्य घोषित किये जाने की याचिका दाखिल की गयी है।
बसपा ने नसीमुउद्दीन सिद्दीकी तथा बृजेश सिंह और सपा ने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में बलिया से बसपा के टिकट पर चुनाव लड चुके अंबिका चौधरी के खिलाफ उनकी सदस्यता समाप्त किये जाने की याचिका दाखिल की है।
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बुधवार, 5 जुलाई 2017
उप्र विप के तीन सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने की याचिका का फैसला शीघ्र
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