इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं जौनपुर के प्रशासनिक न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने कहा है कि न्यायालयों में मुकदमों की बढ़ती संख्या को कम करने तथा लोगों को सुलभ और सस्ता न्याय दिए जाने की आवश्यकता है।
न्यायमूर्ति श्री सिन्हा ने आज जौनपुर में दीवानी न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का निरीक्षण करने के बाद अधिवक्ताओं एवं न्यायिक अधिकारियों से यह बात कही। उन्होंने कहा कि मुकदमों को जल्दी निपटाने के लिए सुलह-समझौता केंद्रों एवं लोक अदालतों के माध्यम से आम लोगों को जागरूक करना जरुरी है। शीघ्र न्याय के लिए सुलह-समझौता केंद्र एवं लोक अदालतों की मध्यस्थता भी एक विकल्प है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आज जिला न्यायाधीश नन्दलाल की अध्यक्षता में दीवानी न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया,जिसमें आपसी सुलह-समझौते के आधार पर 1937 वाद निस्तारित किये गए, जिससे दो हज़ार 253 लोग लाभान्वित हुए।
प्राधिकरण के सचिव रवि यादव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि आज राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न अदालतों के माध्यम से 1937 वादों का निस्तारण कर दो हज़ार 253 व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया। उन्होंने कहा कि दीवानी के 43 वाद, लघु अपराधिक के 1601 वाद, वैवाहिक भरण पोषण के 32 , उत्तराधिकार के 19 वाद, विद्युत के 30 वाद, एम.ए.सी.पी. के चार, इन आई एक्ट का एक, श्रम एक्ट के 77, बैंक वसूली का एक एवं नगर पालिका के 59 मुकदमे निस्तारित किये गए।
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शनिवार, 8 जुलाई 2017
मुकदमों की बाढ को नियंत्रित करने के लिये सुलभ व सस्ते न्याय की जरूरत : सिन्हा
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