tikhiawaz24.in

शनिवार, 5 नवंबर 2016

रामसेवक विश्वकर्मा

प्रतापगढ़

भतीजा बांटे फोन, बुआ नोट

केन्द्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने अपने 40 मिनट के भाषण में अधिकांश समय मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को ही निशाने पर रखा। कहा कि इस समय बुआ-भतीजे में होड़ लगी है। भतीजा फिर से जीतकर आने के लिए जनता को मोबाइल मुफ्त में देने का लालीपाप पकड़ा रहा है। बुआ भी पीछे नहीं हैं। बुआ नोट देने की बात कर रही हैं। दोनो के पुराने वादों का क्या हुआ यह देख लिया जाए तो नए वादों की हकीकत खुद ब खुद समझ में आ जाएगी।

अनुप्रिया ने अखिलेश पर प्रदेश में भ्रष्टाचार व अपराधियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। कहा कि इस सरकार ने साढ़ चार वर्षो के कार्यकाल में प्रदेश को दु‌र्व्यवस्थाओं में ढकेल दिया है। प्रदेश सरकार सिर्फ दो बातें का पर्याय बनी हुई है। अवैध खनन व जमीनों पर अवैध कब्जे। एक मंत्री हैं गायत्री प्रजापति। इन्हें कभी बेटा निकालता है तो बाप अंदर करता है। फिर बाप निकालता तो बेटा मंत्रीमंडल के अंदर करता है। इन्हें सारी अवैध खनन की ठेकेदारी दी गई थी। मंत्री जी का काम था इस अवैध खनन से बनाई गई संपत्ति को अपने आकाओं को भेंट करना। बेचारे मंत्री परिवार की भेंट चढ़ते रहे। अखिलेश के कार्यकाल में लोकतंत्र खत्म हो गया। चुनाव न जीतने वालों को रेवड़ियों की तरह लाल बत्तियां बांटी गईं थी। न्यायालय के हस्तक्षेप पर यह रोका जा सका।

अपराध पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में गुंडे, माफिया और अपराधी सड़कों पर खुले आम घूम रहे हैं। प्रतापगढ़ में राजा की मनमानी चल रही है। यहां पर डीएसपी जियाउल हक को गुंडों ने मौत के घाट उतारा है। यहां पर जन नेताओं के काफिले पर आपराधिक छवि के लोग हमला करते हैं। आज उत्तर प्रदेश की जनता उस नायक को खोज रही है, जिसको उत्तर प्रदेश की कमान को सौंपने का काम किया था।

राष्ट्रीय महासचिव अपना दल नील रतन पटेल ने कहा कि प्रदेश के भ्रष्टाचारियों जेल की सलाखें इंतजार कर रही है। राजेन्द्र पाल ने सपा सरकार को पिछड़ों किसानों की सबसे बड़ी दुश्मन बताया।

सपा ने तो बेरोजगारों को भी लूटा :

विश्वनाथगंज के विधायक व अपना दल (अ) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ आर के वर्मा ने कहा कि अखिलेश सरकार ने किसानों व बेरोजगारों को भी लूटा है। अखिलेश यादव ने 2012 में किसानों का कर्जा माफ करने, बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने, छात्रों को लैपटॉप और टेबलेट देने आदि का वादा किया था। इस वादे को चुनाव के बाद दरकिनार कर दिया गया। 72825 टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों की भर्ती के नाम पर गरीब बेरोजगारों की जेब से बसपा शासन में मायावती ने 2500 करोड रुपए ठगा था। उसी भर्ती के नाम पर अखिलेश यादव ने तीन लाख लाभार्थियों से 70 लाख फार्म भरवा कर 3500 करोड़ रुपए ठगने का कार्य किया। प्रदेश का ऊर्जा मंत्रालय मुख्यमंत्री के पास है। इस विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार है। साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल में 450 सांप्रदायिक दंगे कराए जा चुके हैं।


लंबा चक्कर काट पहुंचा कारवां :

केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल का कारवां शुक्रवार को लंबा चक्कर काट कर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचा। इलाहाबाद के सोरांव से चल कर उन्हें सीधे मांधाता होते हुए गंभीरा जाना था पर रास्ता खराब होने के चलते वह कटरा मेदनीगंज, मोहनगंज, जेठवारा होते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुंच सकीं। वैसे रास्ते में उन्होंने कहीं भी वाहन नहीं रोका। कई स्थानों पर कार्यकर्ता इंतजार कर रहे थे। इसके बाद भी काफिला सीधे कार्यक्रम स्थल तक पहुंच कर रुका। पिछली बार उनके रोड शो के दौरान रानीगंज में मारपीट व हंगामा होने के बाद इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरती गई।

उड़ती रही होर्डिंग फाड़ने की अफवाह :

अपना दल के शक्ति प्रदर्शन में उमड़ी भीड़ ने विपक्षियों को कुछ परेशान जरूर कर दिया। यही वजह रही कि दिन भर बसपा व अपना दल (क) के स्थानीय प्रत्याशियों की होर्डिंग फाड़े जाने की अफवाह उड़ती रही। वैसे कहीं से भी इस तरह की घटना की पुष्टि नहीं हो सकी।

कार्यक्रम से दूर रहे कांग्रेसी :

कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने केन्द्रीय मंत्री को काला झंडा दिखाने की घोषणा की थी। पूरे दिन इसे लेकर हो हल्ला होता रहा। पुलिस भी इसे लेकर सतर्क रही। यह अलग बात है कि कांग्रेसी कार्यकर्ता ऐसी किसी कवायद से दूर रहे। कहीं भी काला झंडा या विरोध प्रदर्शन का आयोजन नहीं किया गया

कोई टिप्पणी नहीं: