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शनिवार, 11 मार्च 2017

उत्तर प्रदेश: जानिये सीएम की रेस में कौन-कौन हैं शामिल


*1-राजनाथ सिंह*
राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश में बीजेपी की जीत के बाद मुख्यमंत्री बनाने के सबसे प्रबल दावेदार हैं।  वे बीजेपी के दिग्गज नेता, एक प्रमुख राजनीतिज्ञ और वर्तमान में देश के गृह मंत्री हैं।  वे पूर्व में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष भी रहे हैं।  वह पहले भाजपा के युवा स्कंध के और भाजपा की उत्तर प्रदेश (जो उनका गृह राज्य भी है), ईकाई के अध्यक्ष भी थे। शुरुआत में वे भौतिकी के व्याख्याता थे, लेकिन जनता पार्टी से जुड़ने के लिए उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से अपने दीर्घ संबंधों का उपयोग किया, जिसके कारण वे उत्तर प्रदेश में कई पदों पर विराजमान हुए। वे अटल बिहारी वाजपेयी के संसदीय क्षेत्र लखनऊ से सांसद भी रहे। 

*2- मनोज सिन्हा*

यूपी में जीत के बाद सीएम कुर्सी की दावेदारी वर्तमान में रेलवे के राज्यमंत्री और संचार राज्यमंत्री (स्तंत्रप्रभार) मनोज सिन्हा भी कर रहे हैं। वे लोक सभा सदस्य हैं और ग़ाज़ीपुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएचयू) - बनारस हिन्दू विश्विद्यालय के पूर्व छात्र भी रहे हैं। यूपी में काफी जाना पहचाना नाम है मनोज सिन्हा का।  वर्ष 1989 से 1996 तक वे राष्ट्रीय परिषद के सदस्य थे। वर्ष 1996, 1999 और 2014 में उन्हें लोक सभा में निर्वाचित किया गया। उपस्थिति के उच्च आंकड़ों के साथ वे 13वीं लोक सभा के बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले सदस्यों में से एक रहे।

*3 डॉ. दिनेश शर्मा*

बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और लखनऊ के मेयर डॉ. दिनेश शर्मा यूपी के उन गिने चुने नेताओं में से हैं, जिन्हें पार्टी के अच्छे दिनों में सबसे ज्यादा इनाम मिला। सरकार बनने के तुरंत बाद पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की कुर्सी मिली। टीम मोदी में उनके प्रभाव का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि उन्हें पीएम मोदी के ही राज्य गुजरात का पार्टी प्रभारी बनाया गया। नवंबर 2014 में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय सदस्यता प्रभारी बनाया गया। इस दौरान उन्होंने बीजेपी को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा दिलाया। दिनेश शर्मा हमेशा पार्टी में सबसे ताकतवर शख्स रहे हैं। कल्याण सिंह और कलराज मिश्र जब सूबे में सबसे ताकतवर रहे तो वह दोनों के खास रहे। पहली बार लालबत्ती भी कलराज मिश्र ने दिलाई। अटल बिहारी बाजपेई का साथ मिला। साल 2006 में अटल बिहारी बाजपेई ने अपना आखिरी भाषण भी दिनेश शर्मा को चुनाव जिताने के लिए दिया था। 2014 में नामांकन का पर्चा खरीदने के बाद राजनाथ सिंह के लिए वह पीछे हुए। किसी चीज के लिए अड़ने न लड़ने की नीति ही उन्हें इस काबिल बनाती है।

*4 केशव प्रसाद मौर्या*

यूपी में विधानसभा चुनाव में जीत के बाद सीएम बनने की रेस में बीजेपी के वरिष्ठ नेता केशव प्रसाद मौर्य भी आगे हैं।  2014 के लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश की फूलपुर सीट से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़कर निर्वाचित हुए केशव प्रसाद मौर्य का जन्म सिराथू जनपद कौशाम्बी के एक साधारण किसान परिवार में हुआ। वह अपने माता पिता के साथ कृषि कार्यों को करते हुए चाय की दुकान भी चलायी और समाचार पत्र का विक्रय भी किया। वे विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल और भाजपा के अनेक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वाह कर चुके हैं।  साथ ही श्रीराम जन्म भूमि और गोरक्षा व हिन्दू हित के लिए अनेकों आन्दोलन किया और इसके लिए जेल भी गए। केशव प्रसाद की छवि संघर्षशील जननेता की है। आपने सिराथू विधानसभा से वर्ष 2012 एवं लोकसभा चुनाव 2014 में वर्ष 2012 एवं लोकसभा चुनाव 2014 में फूलपुर क्षेत्र से आजादी के 60 वर्श बाद पहली बार कमल खिलाया। फूलपुर से भाजपा प्रत्याषी के रूप में तीन लाख आठ हजार तीन सौ आठ (308308) वोटो से ऐतिहासिक जीत हासिल की। 

*5 योगी आदित्यनाथ*

यूपी में योगी आदित्यनाथ बीजेपी के फायर ब्रांड नेता के तौर पर जाने जाते हैं। पहले वे पूर्वांचल तक ही सीमित थे, लेकिन इस चुनाव से पहले पार्टी ने उनसे वेस्ट यूपी में भी जमकर प्रचार कराया है। योगी का नाम काफी समय से सीएम फेस के लिए सामने आ रहा है।

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