उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड का कहर जारी है और हाल-फिलहाल इससे राहत की उम्मीद भी नहीं है। आंचलिक मौसम केन्द्र के निदेशक जे.पी. गुप्ता ने बताया कि इस वक्त उत्तरी-पश्चिमी हवा बर्फीली होने की वजह से जबरदस्त ठंड बनी हुई है। अभी ठंडी हवाओं का असर बना रहेगा। ज्यादातर स्थानों पर खिली धूप नहीं निकल रही है और मौसम जल्दी साफ नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि बारिश होने से मौसम साफ होता है लेकिन अभी वर्षा होने के कोई आसार नहीं है। आमतौर पर पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश होती है लेकिन अभी यह उत्तर प्रदेश को प्रभावित नहीं कर रहा है। ठंड इसी तरह जारी रहने का अनुमान है। हालांकि बीच-बीच में मौसम में सुधार होगा लेकिन कम से कम एक सप्ताह तक यह पूरी तरह साफ नहीं होगा।
कोहरा और पाला गिरने और बारिश नहीं होने से फसलों को भी नुकसान हो रहा है। वहीं, बारिश के कारण सभी फसलों को होने वाला फायदा नहीं मिल पा रहा है।
पिछले 24 घंटों के दौरान ज्यादातर स्थानों पर बादल छाये रहने से गलन और ठिठुरन बरकरार रही। राज्य के ज्यादातर स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहा। इसी तरह न्यूनतम तापमान में भी कुछ स्थानों पर गिरावट दर्ज की गयी।
राजधानी लखनऊ और आसपास के इलाकों में आज सूर्य दर्शन नहीं हुए। हालांकि गलन कुछ कम रही, मगर सर्द हवा के कारण राहत नहीं मिली।
अगले 24 घंटों के दौरान भी कई स्थानों पर शीतलहर चलने और कोहरा गिरने का अनुमान है।
सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज क्षेत्र में सर्दी से बचने के लिये कमरे में अलाव जलाकर सोये एक ही परिवार के चार सदस्यों की दम घुटने की वजह से मौत हो गयी।
डुमरियागंज के प्रभारी उपजिलाधिकारी जुबेर बेग ने बताया कि हल्लौर कस्बे में एक कमरे में सात लोग सोए थे।
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