जौनपुर सिंगरामऊं - - संत भरतशरण जी महाराज के सानिध्य में मंगलवार को गोस्वामी पंचधाम संत आश्रम नौरंगाबांद में श्रीमद्भागवत कथा प्रारंभ हुई। इसके लिए सुबह गॉव में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। शाम को वैदिक विधि विधान से पूजन के साथ कथा का शुभारंभ किया गया। सुबह नौ बजे से बरवसपुर गॉव के हनुमान मंदिर परिसर से कलश यात्रा शुरू हुई। हाथी, घोड़े और बैंडबाजा के साथ शुरू हुई कलश यात्रा में क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोग और महिलाएं शामिल थीं। यह यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए कार्यक्रम स्थल गोस्वामी पंचधाम संत आश्रम पहुंचकर समाप्त हुई। कलश स्थापना के साथ ही वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कथा की शुरूआत की गई।पहले दिन अयोध्या धाम से पधारे कथा वाचक पं० रामजी शरण शास्त्री ने देवी भागवत कथा के महात्म पर विस्तार से चर्चा की। इसके बाद मधुकैटभ वध, शुकदेव जन्म एवं शुकदेव-जनक संवाद की चर्चा करते हुए कहा कि यहां हम कथा की नहीं अपितु जीवन की उत्कर्ष यात्रा प्रारंभ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभिमानी व्यक्ति सब कुछ प्राप्त होने के बाद भी अपने को खाली महसूस करता है, क्योंकि शांति व सुख का मार्ग केवल धर्म है। इसी रास्ते चलकर मोक्ष की प्राप्ति की जा सकती है।इस दौरान आयोजक मंडल के इंद्रजीत सिंह, राम किशोर यादव, शोभनाथ पाल, अवधेश सिंह, राम सिंह, शिव मूर्ति सिंह, वृजनाथ यादव, पं० हनुमान प्रसाद शुक्ल सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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