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प्रतापगढ़
पीड़िता के घर पहुंची सरकारी इमदाद
कुंडा विकास क्षेत्र कुंडा के बसहीपुर गांव में दो दिन पूर्व भूख और गंभीर बीमारी से महिला के मरने की खबर प्रकाशित होते ही प्रशासन सकते में आ गया। तहसील प्रशासन के निर्देश पर क्षेत्रीय लेखपाल व ग्राम प्रधान ने आनन-फानन में एक बोरी गेहूं और दो बोरी चावल भेज दिया।
विकास क्षेत्र कुंडा का बसहीपुर गांव लोहिया समग्र गांव है। यहां विकास के साथ-साथ सरकार हर उस परिवार को तमाम सुविधाएं देना चाहती है जिसके पास जमीन न हो, सिर छिपाने का स्थान न हो तथा आय का कोई साधन न हो। यहां आवास से लेकर समाजवादी पेंशन तक दिलाने का काम ग्राम प्रधान का होता है। बसहीपुर गांव निवासी चंद्रिका प्रसाद पाण्डेय के परिजनों को सरकार की योजना का एक भी लाभ नहीं मिला। चार बच्चों के साथ परिवार की जिम्मेदारी आशा देवी पर आ गई। भूमिहीन होने के कारण वह गांव में कामकाज करते हुए परिवार का भरण पोषण कर रही थी लेकिन तीन माह पूर्व उसे भी गंभीर बीमारी ने जकड़ लिया। बेटे पप्पू पाण्डेय, बच्चा पाण्डेय, बल्लू पाण्डेय, उपेन्द्र पाण्डेय सभी मिलकर कामकाज कर अपनी मां का इलाज करा रहे थे लेकिन दिनों दिन हालत खराब होने पर लोगों ने पचास हजार रुपये भी ब्याज पर लिया, लेकिन वह अपनी मां को नहीं बचा सके। यही नहीं आशा देवी की हालत को देख गांव के समाजसेवी बुधई विश्वकर्मा ने एसडीएम को पत्र देकर उक्त परिवार की आर्थिक मदद करने की गुहार लगाई थी लेकिन आपूर्ति निरीक्षक जांच करने नहीं पहुंचे थे। ऐसे में जब मामला उच्चाधिकारियोंके संज्ञान में पहुंचा तो आनन-फानन देर रात ग्राम प्रधान व क्षेत्रीय लेखपाल ने पीड़ित के घर अन्न पहुंचाया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
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