उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने आज साफ कह दिया कि योगी आदित्यनाथ की सरकार में तुष्टिकरण की राजनीति किसी भी कीमत पर नहीं चलेगी।
17वीं विधानसभा के पहले दिन विधानमंडल के दोनो सदनों को संयुक्त रुप से सम्बोधित करते हुए श्री नाईक ने कहा कि राज्य सरकार तुष्टिकरण की नीति से अलग हटकर काम करेगी। सभी वर्गों के हितों की रक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। सरकार की पहली प्राथमिकता प्रदेश में अमन-चैन और कानून का राज स्थापित करना है। श्री नाईक ने कहा कि हर हाल में कानून का राज स्थापित किया जायेगा। अपराधियों पर नकेल कसने के लिये एंटी भू माफिया टास्क फोर्स जैसे संगठनो का गठन किया गया है। बलात भूमि कब्जा करने वालों से पीडित को राहत दिलाने का अभियान चलाया गया। थानों में शत-प्रतिशत रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिये गये। अपराधियों को कानून के दायरे में सजा दिलाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि पुलिस में भर्ती का अभियान चलाया जायेगा। यूपी 100 सेवा की पहुंच बढाई जायेगी। सुनिश्चित किया जायेगा कि 15 मिनट में पुलिस पीडित की मदद के लिये पहुंच जाये। जवानों के बेहतर स्वास्थ्य के लिये स्वास्थ्य संकुल स्थापित किया जायेगा। श्री नाईक ने कहा कि मथुरा, वृंदावन, अयोध्या, प्रयाग, विंध्याचल, नैमिषारण्य, चित्रकूट, कुशीनगर और वाराणसी में सांस्कृतिक पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जायेगा। पर्यटकों को जानकारी बुकिंग सहायता आदि के लिये चौबीस घंटे कार्य करने वाली हेल्पलाइन की स्थापना की जायेगी। किसानों की बेहतरी के लिये कई योजनाएं शुरु की जा रही हैं।
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