इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बहुचर्चित ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड में समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व विधायक विजय सिंह की आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखी।
श्री द्विवेदी की फर्रुखाबाद में 20 वर्ष पहले हत्या कर दी गयी थी। विजय सिंह को जिला अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनायी थी। इस समय वह जमानत पर जेल से बाहर थे। विधानसभा का पिछला चुनाव वह सपा के टिकट पर लडे थे। सजा सुनाये जाने के बाद विजय सिंह को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। सीबीआई की विशेष अदालत ने आरोपी विजय सिंह और संजीव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। विजय सिंह को उच्च न्यायालय से सजा के लिये स्थगन आदेश के साथ ही जमानत मिल गयी थी लेकिन संजीव को जमानत नहीं मिली। विजय सिंह फर्रुखाबाद विधानसभा सीट से 2007 में विधायक चुन लिया गया था लेकिन बाद में वह बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में शामिल हो गया था।
वर्ष 2012 में विजय सिंह निर्दलीय उम्मीदवार के रुप में चुनाव जीता लेकिन कुछ दिन बाद सत्तारूढ समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हो गया। वर्ष 2017 में वह श्री द्विवेदी के पुत्र और भाजपा उम्मीदवार मेजर सुनीलदत्त द्विवेदी से करीब 60 हजार मतों से चुनाव हार गया।
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शुक्रवार, 26 मई 2017
ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड में पूर्व विधायक विजय सिंह को उम्रकैद
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