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शनिवार, 5 नवंबर 2016

रामसेवक विश्वकर्मा

प्रतापगढ़

मुश्किल से माने परिजन, किया अंतिम संस्कार

डेरवा जेठवारा थाना क्षेत्र के खटवारा गांव के पास बुधवार की रात बाइक एजेंसी के मालिक सुनील कुमार द्वारा चलाई गई गोली से मारे गए मुन्ना मिश्रा का अंतिम संस्कार 36 घंटे बाद हो सका। विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर अड़े मुन्ना के परिजनों को पुलिस ने शुक्रवार को तीन बजे अंतत: मना लिया। पुलिस ने पैसों व बातचीत का सबूत देने पर एजेंसी के मालिक सुनील जायसवाल का चालान करने की बात कही जिस पर परिजनों ने मुन्ना का अंतिम संस्कार कर दिया।

बाइक एजेंसी के मालिक सुनील जायसवाल ने बुधवार रात मुन्ना मिश्रा नामक बदमाश को गोली मार दी थी जिससे उसकी मौत हो गई थी। सुनील का कहना था कि मुन्ना मिश्रा ने लूट के इरादे से उस पर हमला किया था। इसलिए बचाव में गोली चलाई थी। वहीं मुन्ना के परिजनों ने सुनील पर पैसों के विवाद में हत्या करने का आरोप लगाया था। मुन्ना का शव गुरुवार शाम चार बजे घर लाया गया तो परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। परिजनों का कहना था कि डीएम, एसपी यहां आएं। पुलिस हिरासत में रखे गए हत्यारोपी सुनील को चालान कर जेल भेजा जाए व उसके द्वारा हड़पे गए दस लाख रुपये दिलाए जाएं तभी अंतिम संस्कार होगा। शुक्रवार सुबह सीओ सदर वेद प्रकाश, सीओ लालगंज बीआर प्रेमी, स्वाट टीम प्रभारी अमित पांडेय, महेशगंज थानाध्यक्ष जेपी उपाध्याय के साथ जेठवारा, बाघराय, संग्रामगढ़ आदि की पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। काफी प्रयास के बाद भी परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे। परिजनों को इस बात की जानकारी दी गई कि डीएम व एसपी जिले में मौजूद नहीं है। ऐसे में अपर पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय मुन्ना के घर गए व मुन्ना के भाई संदीप उर्फ रंजन कुमार व उनके वकील ओम मिश्रा से बात की।

मुन्ना की पत्नी अंजुला द्वारा रखी गई तीन मांगों पर अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अगर आप लोग मुंबई में बेचे गए दस लाख रुपये की संपत्ति का कागजात उपलब्ध करा दें। घटना के चश्मदीद गवाह प्रमोद को हाजिर कर दें तो सुनील का चालान कर दिया जाएगा व पैसे दिलाने में मदद की जाएगी। अपर पुलिस अधीक्षक के इस आश्वासन के बाद परिजन शव के अंतिम संस्कार के लिए सहमत हुए। करीब तीन बजे परिजन शव के अंतिम संस्कार के लिए महेशगंज थानाध्यक्ष की देखरेख में श्रृंगवेरपुर घाट के लिए रवाना हो गए।

आर्थिक सहायता की पेशकश :

आधा दर्जन से अधिक मामलों में नामजद रहे मुन्ना मिश्र के परिजनों को शुक्रवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। सर्किल कानूनगो कौशलेंद्र प्रताप सिंह व क्षेत्रीय लेखपाल पारस नाथ पीड़ित के घर पहुंचे और परिवार को पांच लाख रुपये कृषि बीमा योजना और आर्थिक मदद के नाम पर तीस हजार रुपये दिलाने का आश्वासन दिया लेकिन परिजनों ने न्याय मिलने तक सहायता लेने से इंकार कर दिया

पुलिस मान रही प्रमोद को चश्मदीद

डेरवा, प्रतापगढ़ : मुन्ना मिश्रा की हत्या का चश्मदीद गवाह प्रमोद है, क्योंकि प्रमोद ही एक ऐसा दोस्त था जो घायल मुन्ना को लेकर उसके घर गया था। ऐसा पुलिस का मानना है। उसके बाद से वह लापता है। परिजन जिस पैसे को लेकर मुन्ना की हत्या होने की बात कह रहे हैं उसमें कितनी हकीकत है यह राज वही खोलेगा। इस हत्या के मामले में पुलिस सुनील का बचाव क्यों कर रही है, यह एक बड़ा सवाल है। फिलहाल प्रमोद व परिजनों द्वारा कागजात दिखाए जाने के बाद मामला साफ हो जाएगा।

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कहां है मुन्ना का मोबाइल

डेरवा, प्रतापगढ़: मुन्ना की हत्या के बाद उसका मोबाइल नहीं मिल रहा है। परिजन लगातार इस बात पर जोर डाल रहे हैं कि मुन्ना के पास व्यापारी द्वारा अपने चालक के मोबाइल नंबर समेत तीन नंबरों से बार-बार फोन किया जा रहा था। ऐसे में मुन्ना अपना मोबाइल लेकर कारोबारी द्वारा बुलाए गए स्थान पर गया हुआ था, लेकिन हत्या के बाद मुन्ना का मोबाइल अभी तक नहीं मिला। परिजनों को आशंका है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि कारोबारी द्वारा मुन्ना की हत्या करने के बाद सबूत मिटाने के लिए उसका मोबाइल भी गायब कर दिया गया हो। थानाध्यक्ष जेठवारा शैलेंद्र सिंह ने कहा कि वह आरोपों की छानबीन कर रहे हैं।

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