पटना
मां की मौत के बाद नहीं मिला कफन, 500-1000 का नोट लिए भटकता रहा बेटा
कालेधन पर मोदी सरकार के सर्जिकल स्ट्राइक के बाद लोगों को परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है।
मधेपुरा वार्ड नंबर 11 निवासी मोहम्मद ऐनाउल अपनी माँ की मौत के बाद कफन के लिए दोपहर बाद तक बाजार में भटकता रहा। किसी दुकानदार ने उसे कफन नहीं दिया क्योंकि उसके पास पांच सौ और हजार के नोट थे।
बाद में स्थानीय लोगों और वार्ड नंबर 11 के वार्ड आयुक्त के पति मोहम्मद इशरार अहमद आर्थिक मदद कर कफन खरीदवाया गया।
मधेपुरा में दुकानदार पांच सौ और हजार नोट लेने से इंकार कर रहे हैं। लोग न सब्जी खरीद पा रहे हैं न राशन। पेट्रोल पंप पर भी पूरे पांच सौ रुपए का तेल लेना पड़ रहा है।
पति और बच्चे के साथ बाजार आई अर्पणा ने कहा कि पेट्रोल पंप वाले पांच सौ से कम का तेल देने से इंकार कर रहे हैं। पेट्रोल पंप वाले खुल्ला नहीं होने का हवाला देते हुए पूरे पांच सौ रुपए का तेल लेने को कह रहे हैं।
शहर के मोहम्मद महताब कि चिंता भी अजीब है। पांच सौ के नोट नहीं चलेंगे इसलिए गुल्लक से निकाल कर 10 का सिक्का ले आए लेकिन दुकानदार सिक्का नकली होने की बात कह कर उसे भी लौटा दे रहे हैं।
उधर, व्यवसायी मोहम्मद इम्तियाज आलम ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इस फैसले से मैं पीएम मोदी का मुरीद हो गया हूं। मरते दम तक उनका मुरीद रहूँगा। अधिवक्ता आर्यमन कुमार बताते हैं कि कुछ दिन परेशानी होगी लेकिन भविष्य सुधर जाएगा।
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