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शनिवार, 13 मई 2017

बेटी को तीन तलाक की धमकी मिली तो एक पिता का भी दर्द छलक उठा

जौनपुर - एक तरफ जहां सुप्रीम कोर्ट में देश के सबसे संवेदनशील तीन तलाक के मामले की सुनवाई चल रही है वहीं दूसरी तरफ अब महिलाएं मुखर होकर तीन तलाक के खिलाफ आवाज उठाने लगी हैं लेकिन पुरुष भी तीन तलाक देने में पीछे नहीं हट रहे हैं। शुक्रवार को दीवानी न्यायालय में आई जुलेखा एवं उसके पिता मुनीर ने मीडिया को बताया कि दहेज की मांग को लेकर उसके पति वसीम ने तीन तलाक की धमकी दिया है ।जुलेखा व उसके पिता ने प्रधानमंत्री व चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर तीन तलाक खत्म करने की मांग किया है ।जब खुद की बेटी को तीन तलाक की धमकी मिली तो एक पिता का भी दर्द छलक उठा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए उत्पीड़न कारी व दमनकारी शरियत की यह व्यवस्था खत्म होनी चाहिए। देश के तमाम महिलाएं इसकी शिकार है। जुलेखा ने कहा कि शरीयत की यह व्यवस्था महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार नहीं देती इसलिए यह व्यवस्था खत्म होनी चाहिए।

रामपुर निवासी जुलेखा शुक्रवार को घरेलू हिंसा का मुकदमा दाखिल करने आई थी। उसने दरखास्त दिया कि 10 वर्ष पूर्व उसका निकाह वसीम निवासी मिर्जापुर के साथ हुआ था। निकाह के बाद वसीम व ससुराल वाले दहेज में दो लाख रुपए की मांग को लेकर उसे मारते पीटते व प्रताड़ित करते थे। उसके वसीम से तीन बच्चे भी हैं ।1 मई 2016 को पति वसीम व ससुराल वाले उसे मार पीट कर उसके घर लाकर छोड़ दिए । तब से वह मायके में बच्चों के साथ रख कर गुजर बसर कर रही है ।10 मई 2017 को जुलेखा को उसके पिता के समक्ष पति ने धमकी दिया कि अगर शीघ्र ही दो लाख रुपए दहेज की मांग पूरी नहीं की गई तो वह जुलेखा को तीन तलाक दे देगा। उसे डर है कि उसका पति उसे तीन तलाक दे देगा। *पिता मुनीर का कहना था कि जितनी लड़कियों को तीन तलाक दिया जाता है उसके पिता व माता सबसे ज्यादा आहत होते हैं एक पिता होने के नाते उन्हें इस दर्द का एहसास है यह दर्द सिर्फ तलाक पीड़ित लड़की का नहीं रहता बल्कि उसके माता पिता जी इस दर्द से पीड़ित होते हैं। वह यही चाहते हैं कि तीन तलाक की व्यवस्था खत्म हो जिससे मेरी व देश की तमाम बेटियों और उनके बच्चों की जिंदगी बर्बाद न हो।*

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