गोपालगंज केस में 25 पुलिसकर्मी सस्पेंड, इलाके से 1000 लीटर अवैध शराब जब्त
बिहार के गोपालगंज में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से हुई 13 मौतों से प्रशासन और सरकार दोनों सकते में है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जहां एक ओर मौत के पीछे जहरीली शराब के कारण से इनकार नहीं किया है, वहीं एसपी रवि रंजन कुमार ने कड़ा एक्शन लेते हुए गुरुवार को नगर थाने के कुल 25 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है.
निलंबित अधिकारियों में नगर थाने के इंस्पेक्टर बीपी आलोक, सब इंस्पेक्टर अमित कुमार शामिल हैं. सभी पुलिसकर्मियों को कर्तव्यों की उपेक्षा करने के कारण निलंबित किया गया है. निलंबन के बारे में बात करते हुए एसपी रवि रंजन ने कहा, 'बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद नगर थाना के पुलिसकर्मी ने इलाके में कोई जांच या छापेमारी नहीं की. जबकि उनके इलाके खजूर वानी मेंअवैध शराब बनाने का कम चल रहा था.'
बिहार सरकार के शराबबंदी अभियान गहरा झटका तब लगा जब गोपालगंज में बुधवार को 13 मौतों के अगले ही दिन गुरुवार को इलाके से 1000 लीटर अवैध शराब को जब्त किया गया. पुलिस ने जमीन खोद कर शराब जब्त की.
शिवसेना बोली, कबाड़खाने में पड़े लोगों की व्यवस्था करने के लिए हो रहा राज्यपाल के पद का इस्तेमाल .
मुंबई: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर एक बार निशाना साधते हुए महाराष्ट्र सरकार में सत्तासीन शिवसेना ने राज्यपालों की नियुक्ति पर सवाल खड़े किए हैं। शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' में लिखा कि राज्यपाल का पद राजनीतिक विचारों के कबाड़खाने में पड़े लोगों की व्यवस्था के लिए उपयोग में लाया जाता है। 'राजभवन का ब्रांड बदला' शीर्षक के साथ शुक्रवार को छपे संपादकीय में पार्टी ने लिखा है, 'राज्यपाल नियुक्ति के बारे मे जो कुछ कांग्रेसी शासन मे घट रहा था, वही सब मोदी शासन मे भी घटित हो रहा है। सिर्फ 'ब्रांड' बदल गया है। राज्यपाल का मतलब जनता के पैसे पर पाने वाला सफेद हाथी है।
शिवसेना ने मुखपत्र में लिखा, 'सवाल यह है कि राज्यपाल का पद चाहिए ही क्यों? यह सवाल वैसे ही पुराना है, फिर भी अपने-अपने राजनीतिक विचारों के कबाड़खाने में पड़े लोगो की व्यवस्था करने के लिए ही राज्यपाल पद का उपयोग किया जाता है। संपादकीय में राज्यपालों की नई सूची के बाबत लिखा गया है, 'देशभर के मौजूदा राज्यपालों की सूची पर नजर घुमाएं तो यह बात आसानी से ध्यान में आ जाती है।
अब तक इन पदों पर नियुक्त किए गए सारे लोग 'भाजपा' के कार्यकर्त्ता और नेता हैं। राज्यपाल, नायब राज्यपाल पद के कारण सत्ताधारी पार्टी के करीब 40 लोगों के लिए गाड़ी-घोड़ा, बंगला और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था हो जाती है। संपादकीय में शिवसेना ने नए राज्यपालों को शुभकामनाएं भी दी हैं।
[8/19, 12:17 PM] Bipul Singh: देश के शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में शुक्रवार को गिरावट का रुख देखने को मिल रहा है. प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.36 बजे 23.33 अंकों की कमजोरी के साथ 28,100.11 पर जबकि निफ्टी भी लगभग इसी समय 3.90 की मामूली कमजोरी के साथ 8,669.35 पर कारोबार करते देखे गए.
म्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 44.22 अंकों की मजबूती के साथ 28,167.66 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 21.05 अंकों की बढ़त के साथ 8,694.30 पर खुला.
गुरुवार को मजबूती के साथ हुआ था बंद
प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 118.07 अंकों की मजबूती के साथ 28,123.44 पर और निफ्टी 49.20 अंकों की तेजी के साथ 8,673.25 पर बंद हुआ था.
रियो डि जिनेरियो: खेल पंचाट कोर्ट फॉर अर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट के फैसले के बाद रियो ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने का पहलवान नरसिंह यादव सपना टूट गया लेकिन उन्होंने कहा कि वह अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे .
कल नरसिंह के ओलंपिक में खेलने पर रोक लगा दी गयी और उनपर चार साल का प्रतिबंध भी लगा दिया गया. नरसिंह भारत में डोप टेस्ट में फेल हो गए थे जिसके बाद राष्ट्रीय डोपिंग निरोधक एजेंसी (नाडा) ने यह कहकर उन्हें क्लीन चिट दी थी कि उनके खिलाफ साजिश हुई है. लेकिन खेल पंचाट ने क्लीन चिट को खारिज करते हुए कल उनपर प्रतिबंध लगा दिया.
पुरूष 74 किग्रा वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने वाले खिलाड़ी ने कहा, ‘‘यह कहना कि खेल पंचाट के फैसले से मैं टूट चुका हूं, बहुत कम होगा. पिछले दो महीनों में मैंने बहुत कुछ झेला है लेकिन देश के गौरव लिए खेलने की सोच ने मेरा हौसला बनाए रखा. मेरे पहले बाउट से 12 घंटे पहले रियो ओलंपिक में खेलने और देश के लिए पदक जीतने का मेरा सपना क्रूरता से तोड़ से दिया गया.’’
उन्होंने अपने प्रायोजक जेएसडब्ल्यू स्पोर्ट्स द्वारा जारी एक बयान में कहा, ‘‘लेकिन अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए मैं सबकुछ करूंगा. मेरे पास लड़ने की अब यही वजह है.’’ बयान में कहा गया कि नरसिंह ने अपने खाने में मिलावट का जो दावा किया था उसके संबंध में कुछ और सबूत मिलने पर फैसले की समीक्षा के लिए याचिका दी जा सकती है.
इसमें कहा गया, ‘‘मिलावट से जुड़े और सबूत मिलने पर हम फैसले की समीक्षा पर जोर देंगे जिसके लिए वाडा सहमत हो.’’ बयान के अनुसार, ‘‘जेएसडब्ल्यू का दृढ़ता से मानना है कि नरसिंह बेगुनाह हैं और हम न्याय की लड़ाई में हर कदम पर पहलवान के साथ खड़े होंगे.’’ विश्व डोपिंग निरोधक एजेंसी (वाडा) ने ओलंपिक शुरू होने से तीन दिन पहले रियो में खेल पंचाट के तदर्थ संभाग में नरसिंह को नाडा से मिली क्लीन चिट को चुनौती दी थी.
राजस्थान में पाकिस्तान के जासूसी और आतंकी नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है. जैसलमेर में पाकिस्तानी पासपोर्ट पर भारत आए एजेंट नंदलाल महाराज को गिरफ्तार किया गया है. खुफिया सूत्रों के मुताबिक, राजस्थान से लगती पाकिस्तान सीमा से अलग-अलग जगहों से अब तक 35 किलो आरडीएक्स भारत में बम ब्लास्ट के लिए पहुंचा चुका है.
आईबी, रॉ और राजस्थान के इंटेलिजेंस एजेंसी ने इस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. गिरफ्तार पाकिस्तानी एजेंट के पास से एक डायरी भी बरामद हुई है, जिसमें सारे डिटेल लिखे हैं. इसमें लिखा हुआ कि कब-कब पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इसके खाते में पैसे डालती थी. इसके काम के बदले आईएसआई 10 से लेकर 60-70 हजार तक देती थी. नंदलाल का पूरा परिवार पाकिस्तान में है, लेकिन पैसों के लालच में ये पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के लिए तैयार हो गया.
दर्जनों पाकिस्तानी सिम कार्ड बरामद
नंदलाल महराज की उम्र 26 साल है और वह पाकिस्तान के खिप्रो सानगढ़ का रहनेवाला है. ये पाकिस्तान में टेक्सटाईल का शोरूम चलाता है, जिसकी रोज की आमदनी तीन हजार रुपये है. बताया जाता है कि इसकी पत्नी और बच्चे पाकिस्तान में रह रहे हैं. एजेंट के पास से दो मोबाईल सेट और दर्जनों पाकिस्तानी सिम कार्ड बरामद किए गए हैं. इसकी मदद से वह सरहदी इलाके में जाकर पाकिस्तान बात करता था.
आरडीएक्स कहां है, इसकी जानकारी नहीं
तीनों खुफिया एजेंसियां पिछले 48 घंटे से नंदलाल महाराज से जैसलमेर में पूछताछ कर रही हैं. हालांकि, अब तक ये पता नहीं चल पाया है कि इसके हाथ से निकला आरडीएक्स कहां-कहां पहुंचा है, क्योंकि इसे आगे के नेटवर्क के बारे में कोई जानकारी नहीं है. इसके पास से बड़ी संख्या में सैन्य ठीकानों के नक्शे और आस-पास के फोन नंबर भी मिले हैं. आरडीएक्स की बरामदगी और पता लगाने के लिए एंटी टेररिस्ट स्क्वायड की टीम पहुंच रही है, जबकि एनआईए को भी सूचना दी जा रही है.
बीएसएफ के काम पर उठ रहे सवाल
नंदलाल के सात से आठ साथी इसकी गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही फरार हो गए हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए कवायद की जा रही है. पाकिस्तानी एजेंट की गिरफ्तारी और उसके खुलासे से बीएसएफ के काम करने के तरीके पर भी बड़ा सवाल खड़ा होता है. आखिर कैसे बीएसएफ के नाक के नीचे ये से इतनी भारी मात्रा में आरडीएक्स भारत में पहुंचाने में सफल हो गया?
आईएसआई इन बातों का उठा रहा लाभ
कुछ दिनों से आईएसआई ने भारत में जासूसी और आतंकी नेटवर्क का अपना तरीका बदला है. ये जानबूझकर ऐसे हिंदू एजेंट चुन रहे हैं, जिनका पहनावा और बोलचाल सरहदी इलाकों में भारत में रहने वाले लोगों से बिल्कुल मिलता हो. साथ ही सीमा पर पाकिस्तानी मोबाईल नेटवर्क होने से इनको पूरा फायदा मिल रहा है, क्योंकि पाकिस्तानी नेटवर्क से आए कॉल को पकड़ने का भारत में कोई उपाय नहीं है.
सैटेलाइट फोन से करता था हैंडलर से बात
इसके अलावा इस जासूस के पास से सैटेलाइट फोन भी मिले हैं. ये रेगिस्तानी और सुनसान इलाके का फायदा उठाकर सैटेलाइट फोन से पाकिस्तानी हैंडलर से बात कर लेते हैं. जब तक भारतीय खुफिया एजेंसियां रॉ, एमआई और आईबी इनको ट्रेस कर सरहदी इलाके में सैटेलाइट सिग्नल को ट्रेस करके राज्य की पुलिस या इंटेलीजेंस को खबर देगी, तबतक पाकिस्तानी एजेंट सैटेलाइट फोन बंद कर उस जगह से जा चुका होता है. देश में सैटेलाइट फोन के सिग्नल पकड़ने के संसाधन रॉ, आईबी और एमआई के पास ही हैं.
गाजियाबाद। केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा की कार ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी के गेट पर 2 मिनट क्या रुकी मंत्री जी के साथ चल रहे सुरक्षाकर्मियों का पारा चढ़ गया। सुरक्षाकर्मियों ने तीन गार्डों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा। ये सारी घटना सोसायटी के सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई। आरोपी सुरक्षाकर्मी नीली बत्ती लगी स्कॉर्पियो में थे जिसपर पुलिस लिखा हुआ था। रेजिडेंट्स ने पुलिस में इसकी शिकायत दी है।
जिन गार्डों की पिटाई की गई और उनके साथ गालीगलौज हुई, उनकी गलती बस इतनी थी कि वो अपनी ड्यूटी मुस्तैदी से कर रहे थे। उन्हें गेट पर मौजूद तीन सुरक्षाकर्मियों ने जमकर पीटा और गाली दी। हालात ये थे कि उन्हें दौड़ा दौड़ाकर पीटा गया। ये पूरा मामला गाजियाबाद के आशियाना ग्रीन सोसाइटी का है।
1 मिनट के लिए मंत्री को रोक क्या दिया, PSO ने गार्ड्स को दौड़ा दौड़ाकर पीटा
पिटाई खाने वाले गार्डों का कहना है कि वह तो सिर्फ अपनी ड्यूटी कर रहे थे। उन्हें बिना किसी गलती से पीटा गया। पीड़ित सिक्यॉरिटी सुपरवाइजर अजय यादव ने बताया कि साहब को 74 ग्राउंड पर जाना था। उनके साथ पीछे वाली गाड़ी से दो लोग आए और गलियां देकर, भगा भगाकर मारा। उन्होंने कहा कि फ्लैट नंबर पूछने के लिए मुश्किल से उन्हें दो मिनट ही रोका गया था। 1 लाल बत्ती लगी गाड़ी थी और 3 नीली बत्ती लगी गाड़ी थी। जाते वक्त उन्होंने कुछ नहीं कहा। हम इसकी पुलिस में शिकायत करेंगे।
सोसाइटी की आरडब्ल्यूए ने इंदिरापुरम थाने में इसकी तहरीर दी है। पुलिस अब जांच के बाद कार्रवाई की बात कह रही है। गाजियाबाद के डीएसपी अतुल यादव ने कहा कि सोसायटी के सेक्रेटरी पंकज ने शिकायत दी है। उसमें जो कंप्लेंट दी गई है, उसपर उचित कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, महेश शर्मा ने इस पूरे विवाद पर बयान देते हुए कहा कि हां.. मैं आशियाना सोसायटी में अपनी बहन से मिलने गया था। बाहर गार्डों ने मुझे इंतजार करने को कहा और बाद में अंदर जाने की इजाजत दी। मेरी गैरहाजिरी में मेरे निजी सुरक्षाकर्मी मारपीट करने लगे। मैंने वापिस आते ही माफी मांग ली। मुझे लगता है कि लोग इस मुद्दे का राजनीतिकरण करना चाहते थे। बात कुछ भी नहीं है लेकिन इसका मुद्दा बनाया जा रहा है। पुलिस एक्शन ले सकती है।
[8/19, 12:18 PM] Bipul Singh: ऐलन कुर्दी तो याद होगा आपको. जी हां, 3 साल का वही मासूम, जो सीरिया में चल रहे गृह युद्ध से बचने के लिए अपने परिवार के साथ समुद्र के रास्ते यूरोप जा रहा था लेकिन डूब जाने से उसकी मौत हो गई थी. ये दुनिया उसका चेहरा अभी भुला भी न सकी थी कि पांच साल के ओमरान दाकनीश की इस तस्वीर से सबको एक बार फिर अंदर तक झकझोर कर रख दिया है.
धूल और खून में सना ये बच्चा सीरिया के शहर अलेप्पो के पास हुए हवाई हमले का शिकार हुआ. यहां हवाई हमले के दौरान ओमरान का घर भी इसकी चपेट में आ गया और नन्हां ओमरान मलबे में दब गया. इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान जब एक शख्स ने ओमरान को एंबुलेंस में बिठाया तो वहां मौजूद मीडियाकर्मियों ने उसकी तस्वीर ले ली, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है.
यूएन ने रोकी मदद
इस तस्वीर के वायरल हो जाने के बाद सीरिया में आम लोगों की स्थिति एक बार फिर सामने आ गई है और यूनाइटिड नेशन्स ने इस जंग में सीरिया को दी जा रही मदद रोकने का फैसला किया है.
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