अपना ही सवाल भूल गए सांसद रामचरित्र, संसद में हुई किरकिरी
उत्तर प्रदेश के मछलीशहर लोकसभा सीट से भाजपा सांसद रामचरित्र निषाद की संसद में उस समय किरकिरी हुई जब वे प्रश्न ही भूल गए।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। संसद में प्रश्नकाल के दौरान अगर किसी सदस्य को सरकार से तारांकित प्रश्न पूछने का मौका मिल जाता है, तो खुद को खुशनसीब समझता है। लेकिन भाजपा के एक सांसद सोमवार को लोकसभा में स्पीकर के बार-बार मौका देने पर भी अपना सवाल नहीं पूछ पाए। यह सांसद हैं रामचरित्र निषाद। वह उत्तर प्रदेश की मछलीशहर सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं।
सोमवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान तारांकित प्रश्न संख्या 308 पर अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने अन्नाद्रमुक सांसद अरुणमोझिदेवन का नाम पूरक प्रश्न के लिए पुकारा। लेकिन वह उस समय सदन में नहीं थे। उनके बाद सवाल पूछने वालों की सूची में मछलीशहर से भाजपा सांसद रामचरित्र निषाद का ही था।
स्पीकर ने जब उन्हें सवाल पूछने को कहा, तब भी अंतिम पंक्ति में बैठे निषाद चुपचाप बैठे रहे। लेकिन जब स्पीकर ने दोबारा उनका नाम पुकारा, तो उनके बगल में बैठे दूसरे सदस्यों ने उन्हें खड़े होकर सवाल पूछने को कहा। इसके बाद रामचरित्र खड़े हुए। स्पीकर ने पूछा कि क्या उन्हें याद है कि उन्होंने कोई सवाल पूछा है? इस पर निषाद ने जवाब दिया कि उन्हें याद नहीं है।
इसके बाद जब पुन: उनसे सवाल पूछने को कहा गया, तो निषाद ने बस इतना कहा कि मंत्रीजी मेरे सवाल का जवाब दें। इसके बाद भी स्पीकर ने रामचरित्र से पूरक प्रश्न पूछने का आग्रह किया। दूसरी तरफ वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण जवाब देने के लिए निषाद के सवाल का इंतजार करती रहीं। इस घटनाक्रम के दौरान रामचरित्र हतप्रभ नजर आए वहीं सदन में कई सदस्य हंसते दिखे।इस बीच स्पीकर ने जब देखा कि रामचरित्र सवाल पूछ नहीं पा रहे हैं, तो उन्होंने अगले सदस्य प्रह्लाद सिंह पटेल का नाम पुकारा। पटेल ने छोटे चाय उत्पादक किसानों की समस्या के बारे में मंत्री से जानकारी चाही, जिसका जवाब सीतारमण ने दिया।
क्या है मामला
-रामचरित्र निषाद ने देश में चाय उत्पादन के बारे में सवाल पूछा था।
-लॉटरी के बाद वह सवाल सोमवार को प्रश्नकाल में लगाया गया।
-लेकिन निषाद अब तक भूल चुके थे कि उन्होंने कोई सवाल पूछा है।
तारांकित प्रश्न क्या होता है
-लोकसभा की बैठक का पहला घंटा प्रश्नों के लिए होता है। उसे प्रश्नकाल कहा जाता है।
-जिस प्रश्न का सांसद लोकसभा में मौखिक उत्तर चाहता है, उसे तारांकित प्रश्न कहते हैं।
-ऐसे प्रश्नों की सूचना स्पीकर को कम-से-कम 20 दिन पहले देनी होती है। पांच दिन में सवाल सरकार के पास भेज दिया जाता है।
-पहचान के लिए उस पर तारांक बना रहता है। मौखिक उत्तर के बाद उस पर अनुपूरक प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
बसपा का साथ छोड़ने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य भाजपा में शामिल, कई अन्य कतार में
पूर्व बसपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य आज भाजपा में शामिल हो गए हैं। इस अवसर पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी मौजूद थे।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। लगभग दो महीने के इंतजार के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने विधिवत भाजपा का दामन थाम लिया है। बसपा में कुशवाहा जाति के कद्दावर नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के आने से उत्साहित भाजपा 2017 के विधानसभा चुनाव में में दो-तिहाई की बहुमत से सरकार बनाने का दावा किया है।
वहीं स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक बार फिर मायावती पर टिकट बेचने का आरोप लगाते हुए कहा कि बसपा में बाबा साहब अंबेदकर और कासीराम के विचारों की हत्या कर दी गई है। मौर्य ने भविष्य में कई बसपा विधायकों के भाजपा में शामिल होने का संकेत दिया। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की उपस्थिति में भाजपा में अपने समर्थकों के साथ शामिल हुए विधानसभा में नेता विपक्ष रह चुके स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस तरह से सभी समाज को साथ में लेकर चलने की ऐतिहासिक पहल कर रहे हैं, उससे प्रभावित होकर उन्होंने भाजपा के साथ नई पारी शुरू करने का फैसला किया है।
बसपा छोड़ने का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि बसपा बाबा साहब अंबेडकर और कासीराम से विचार से दूर चुकी है। मायावती पर टिकट बेचने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वहां लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने दावा किया कि उनके साथ कई विधायक भाजपा में शामिल होने के लिए तैयार हैं। पूर्वी उत्तरप्रदेश में लगभग 40-50 सीटों को प्रभावित करने वाली कुशवाहा जाति से आने के बाद विधानसभा चुनाव में भाजपा को लाभ मिलना तय माना जा रहा है।
स्वामी प्रसाद के जाने से कोई बसपा को नुकसान नहीं, मौर्य गद्दार व स्वार्थी : मायावती
पार्टी ने पहले ही केशव प्रसाद मौर्य को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। अब स्वामी प्रसाद के भी आने से यह माना जा सकता है कि 6-8 फीसद कुशवाहा वोट में भाजपा का हिस्सा सबसे बड़ा होगा। ओबीसी वर्ग से अगर कुशवाहा का अस्सी फीसद वोट मिल जाए तो यादव उम्मीदवारों के सहारे उस समुदाय में सेंध की कोशिश कामयाब रह सकती है।
मायावती को राजनीति का ककहरा तक पता नहीं : स्वामी प्रसाद मौर्य
केशव प्रसाद मौर्य ने स्वामी प्रसाद मौर्य का स्वागत करते हुए कहा कि वे अभी तक गलत पार्टी में थे और अब सही पार्टी में आ गए हैं। केशव प्रसाद मौर्य ने दावा किया कि 2017 में न तो बुआ (मायावती) और न ही भतीजे (अखिलेश यादव) की सरकार बनेगी। उनके अनुसार भाजपा 'न इकाई और न दहाई से बल्कि दो-तिहाई से' से जीतने जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य के शामिल होने से 2017 का संकल्प पूरा होता दिख रहा है।
जीएसटी संविधान संशोधन बिल लोकसभा से पास, राहुल ने कहा अच्छा कदम
सर्वसम्मति से सभी उपस्थित सभी 443 सदस्यों ने बिल के पक्ष में मतदान किया। जीएसटी संविधान संशोधन (122वां) बिल लोकसभा से भी पास हो गया।
नई दिल्ली। राज्य सभा में जीएसटी (122वां संसोधन) पास होने के बाद अाज लोकसभा में वोटिंग हुई। सर्वसम्मति से सभी उपस्थित सभी 443 सदस्यों ने बिल के पक्ष में मतदान किया। जीएसटी संविधान संशोधन (122वां) बिल लोकसभा से भी पास हो गया।
इससे पहले एआईएडीएमके ने लोकसभा में जीएसटी पर चर्चा का बहिष्कार करते हुए सदन से वॉकआउट किया। लोकसभा से राज्यसभा द्वारा संशोधित जीएसटी विधेयक पारित होने पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि मुझे लगता है कि यह देश के लिए अच्छा कदम है।
इससे पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में जीएसटी संविधान संशोधन बिल चर्चा के लिए पेश किया। जेटली ने इस बिल को राज्यसभा में पास कराने के लिए सभी पार्टियों का शुक्रिया अदा किया।
वित्त मंत्री ने कहा कि 2011 में लाए गए जीएसटी बिल में राज्यों के घाटे की भरपाई का प्रावधान नहीं था। उन्होंने बताया कि निर्माण, उत्पादन में लगे राज्यों को राजस्व घाटे की चिंता थी। जीएसटी काउंसिल के स्वरूप पर भी विवाद था। जेटली ने कहा कि मजबूत लोकतंत्र के कारण ही इस बिल पर केंद्र और राज्यों की सहमति संभव हुई।
जीएसटी बिल पर लोकसभा में विपक्ष के सवालों का वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जवाब दिया। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस मल्लिकार्जुन खड़गे के सवाल पर कहा कि जीएसटी के जिस बिल को आप दोषपूर्ण बता रहे थे, वह आपके (यूपीए) समय के बिल पर ही आधारित था।
जीएसटी बिल पर होने वाली चर्चा में भाग लेने के लिए सभी पार्टियों और सांसदों का शुक्रिया। यूपीए सरकार का जीएसटी बिल पर आम सहमति बनाने पर केंद्रित था और उसमें उत्पादक राज्यों को मुआवजा देने की बात नहीं थी।
GST पर पीएम मोदी ने कहा- ‘पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम’, जानिए 10 बातें
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जीएसटी पर बनी आम सहमति को लोकतंत्र की उच्च परंपरा की जीत बताई है।
नई दिल्ली। जीएसटी पर बनी आम सहमति की सफलता को लोकतंत्र की उच्च परंपरा की जीत बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में कहा कि इससे भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा और ये पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम होगा। लोकसभा में पीएम मोदी की तरफ से कही गई ये हैं दस महत्वपूर्ण बातें-
1- जीएसटी पर सफलता को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसी एक की जीत ना बताकर कहा कि ये सभी पक्षों की जीत है। इस बिल को पास होने का श्रेय सभी पक्षों को जाता है।
2- पीएम ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के करीब सत्तर साल में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है ताकि देश के अंदर 'कर आतंकवाद' (Tax Terrorism) से मुक्त किया जा सके। इसकी शुरुआत हो चुकी है।
3- लोकसभा में मोदी ने कहा कि जीएसटी का मतबल है- ग्रेट स्टेप बाय इंडिया यानि भारत के द्वारा बड़ा कदम। इसका मतलब है- ग्रेट स्टेप टूवार्ड्स ट्रांसफॉर्मेशन यानि पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम।
4- पीएम ने कहा कि इसके लिए मैं सभी दल और राज्य सरकारों को धन्यावाद देना चाहूंगा क्योंकि इसे सभी ने बेहद गंभीरता के साथ लिया।
5- उन्होंने कहा कि सौ से ज्यादा हफ्ते में सौ से ज्यादा कानून पास किए है। जीएसटी से भ्रष्टाचार और कालेधन की समस्या खत्म होगी और तकनीक जीएसटी की सबसे बड़ी ताकत। इससे भ्रष्टाचार शून्य की तरफ जाएगा।
6- लोकसभा में मोदी ने कहा कि जीएसटी एक भारत के भाव को बल देता है। इससे छोटे उद्यमियों को लाभ होगा और गरीबी से निपटने में भी सहायक होगा।
7- प्रधानमंत्री ने कहा कि आरबीआई से महंगाई दर चार फीसदी तय करने को कहा है।
8- लोकसभा में मोदी ने कहा जीएसटी से व्यापारी पक्के बिल के लिए प्रेरित होंगे। ये किसी दल या किसी सरकार की जीत नहीं है।
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9- पीएम ने कहा कि जीएसटी के कारण सारे अवरोध दूर होंगे। गरीबी हमें विरासत में मिली है।
10- उन्होंने आगे कहा कि जीएसटी में गरीबों की उपयोगी चीजें दायरे से बाहर रखी गई है। गरीबी खत्म करने के लिए गरीबों की फौज तैयार करेंगे।
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