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मंगलवार, 9 अगस्त 2016

तीखी आवाज़

जौनपुर में भू-माफियाओं ने महिला को जिंदा जलाया

पीड़ितों का आरोप राज्यमंत्री के रिश्तेदार हैं दबंग


जौनपुर । प्रदेश में जमीन कब्जा करने का मामला कोई नया नहीं है। सपा सरकार के पदाधिकारियों और रसूखदार लोगों द्वारा लगातार ऐसा मामले प्रकाश में आने के बाद नेताजी को स्वयं यह चेतावनी देनी पड़ी की सपा के लोग जमीन कब्जा करना छोड़ दें ताकि प्रदेश में दोबारा सत्ता में आ सके। जिले में एक ज्वलंत मामला प्रकाश में आया है। आरोप हैं कि भू-माफियाओं ने जमीन कब्जा करने के लिए एक महिला को मिट्टी का तेल छिड़ककर माचिस लगा दी और महिला की दर्दनाक मौत हो गयी। घटना की सूचना पर जिले में हड़कम्प मच गया। आरोप यह भी है कि उक्त भू-माफिया राज्यमंत्री जगदीश सोनकर के करीबी बताये जा रहे है।

बताते हैं कि सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के मैनीपुर गांव में मंगलवार की सुबह दबंग एक परिवार की जमीन कब्जा करने पहुंचे। आरोप हैं कि जब उस परिवार की चमेला 45 वर्ष ने इसका विरोध किया तो उन्होंने उसे मिट्टी का तेल छिड़ककर आग के हवाले कर दिया। घटना में वह गंभीर रुप से झुलस गयी। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गयी। वह सात बच्चों की मां बतायी जा रही है। उसके पति सोमारु व जेठानी शिवमत्ती का आरोप हैं राज्यमंत्री जगदीश सोनकर के रिश्तेदार है। घटना के बाद जिले में हड़कम्प मचा हुआ है। लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे है।


मंत्री जी ने कहा

जब इस मामले को लेकर नया सबेरा डॉट काम ने राज्यमंत्री जगदीश सोनकर से पूछा तो उन्होंने कहा कि उनका कोई रिश्तेदार नहीं है। ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

सपा के विधायक रामसिंह की विधान सभा सदस्यता हाईकोर्ट ने किया रद्द ।।

वर्ष 2012 में जहां सूबे में सपा की आंधी में पूर्ण बहुमत की सरकार बनी थी, वहीं पट्टी विधान सभा से कई बार भाजपा से विधायक रहे राजेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ़ मोती सिंह महज 156 मतों से सपा के उम्मीदवार श्री राम सिंह से हार गए थे । मतगणना के दौरान पट्टी विधानसभा की मतगणना पंडाल में बवाल भी हुआ था जिसमें कवरेज करने गए दो दर्जन पत्रकारों को भी पुलिस की लाठियों का शिकार होना पड़ा था ।
निवर्तमान विधायक के एजेंटों का तर्क था कि ई वी एम के अतिरिक्त लिफ़ाफ़े में हुए मतदान की पुनः गिनती कराई जाए । परन्तु सपा के पक्ष में पूर्ण बहुमत आता देख अधिकारियों ने हाथ खड़े कर दिए थे । जिसे भाजपा उम्मीदवार श्री राजेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ़ मोती सिंह ने माननीय हाईकोर्ट में चुनौती दी थी जिसमें आज फैसला सुनाया गया ।
आज अदालत का ऐतिहासिक फैसला आया । हलांकि ऐसे प्रकरणों की सुनवाई कम से कम समय में करके फैसला सुनाना चाहिए । ताकि गलत ब्यक्ति उसका दुरूपयोग न कर सके । अब तो महज 4 माह चुनाव में शेष बचे हैं । फिलहाल सपा को ये तगड़ा झटका लगा ।
इससे पहले माननीय लोकायुक्त की जांच के आधार पर महामहिम राज्यपाल महोदय ने बसपा के उमा शंकर सिंह और भाजपा के बजरंग बहादुर सिंह की सदयस्ता को समाप्त कर दिया था । वहां तो उप चुनाव भी हो गए । भाजपा के वरिष्ठ नेता मा. मोती सिंह के पक्ष में निर्णय आने पर भाजपा के कार्यकर्ता और उनके फालोवर गदगद हैं ।

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