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शनिवार, 27 अगस्त 2016

रामसेवक विश्वकर्मा

तीन बार सांप ने डसा, फिर भी जीवित!



प्रतापगढ़ -  तीखी आवाज ब्यूरो
रिटायर फौजी इंद्र सिंह को साल में तीन से चार बार सर्पदंश की पीड़ा झेलनी पड़ती थी। यह सिलसिला 1991 से शुरू हुआ और 2010 तक चला। वर्ष 1991 में पहली बार इंद्रसिंह को ड्यूटी के दौरान सांप ने डसा। इसके बाद यूपी, पुंछ, राजौरी और किन्नौर समेत कई जगहों पर ड्यूटी के दौरान उन्हें सर्प दंश झेलना पड़ा। मगर हर बार इंद्रसिंह की जान बचती रही।
कंधई थाना के खूझी कला गांव की एक महिला गांव में चर्चा का विष्‍ाय बनी हुई है। परिवारवालों का दावा है कि उसे एक ही सांप ने सात दिन में तीन बार डसा। इसके बाद भी महिला पर कोई असर नहीं पड़ा। सांप ने इसके पहले उसके सास, ससुर व देवर को डसा था। इलाज के दौरान सास की मौत हो गई।
कंधई थाना के खूझी कला गांव निवासी मीनू (25) पत्नी प्रमोद के  घर के बगल बांस की कोठ है। इस कोठ में एक सांप रहता है। परिवारवालों की मानें तो वह सात दिन के अंदर मीनू को तीन बार काट चुका है। गुरुवार को उसने फिर उसे डस लिया। परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। इलाज के बाद जब घर पहुंची तो शुक्रवार की भोर में उसे फिर से काट लिया। इससे मीनू की हालत बिगड़ गई। परिजनों ने उसे फिर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हालत में सुधार होने के बाद उसे लेकर घर चले गए। परिजनों की मानी जाए तो सबसे पहले सांप ने माह भर पहले मीनू के ससुर विजय कुमार को काटा था। इलाज के बाद वह ठीक हो गया। इसके बाद उसी सांप ने कुछ दिनों बाद विजय की पत्नी सीमा को काट लिया। समय से अस्पताल न पहुंचने के कारण सीमा की मौत हो गई। दो दिन बाद ही विजय के भतीजे विनोद को काट लिया। सप्ताह भर नहीं बीता कि सांप ने मीनू को अपना निशाना बना लिया। लगातार सांप के काटने से मीनू सहम जरूर गई है। छोटे-छोटे बच्चों को सांप से बचाने के लिए घर से हटाकर रिश्तेदारी भेज दिए हैं।

उधर, अलग अलग घटनाओं में शुक्रवार को अंतू के काशीपुर निवासी सुमित्रा (45) पत्नी रामसेवक, मवैया कला निवासी संतोष (45), नगर कोतवाली के सगरा निवासी लालती (45) पत्नी ओमप्रकाश व कोहड़ौर थाना के सरैया निवासी परी (12) पुत्री रघुनाथ को भी सांप ने डस लिया। परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया है

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