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बुधवार, 31 अगस्त 2016

तीखी आवाज़

इ💥जौनपुर- श्रमजीवी एक्सप्रेस बम विस्फोट कांड के आरोपी ओबैदुर्रहमान (निवासी बांग्लादेश) को ⚡मृत्यु दण्ड व दस लाख तीस हजार जुर्माना

👉�अपर सत्र  न्यायाधीश प्रथम बुधिराम यादव ने सुनाया फैसला

👉�इसी मामले में ट्रेन में बम रखने के आरोपी रोनी उर्फ आलमगीर को 30 जुलाई को  सुनाई गई थी फांसी की सजा ।।
👉� आरोपी ओबेदुर्रहमान पर आरोपी याहिया के साथ बम बनाने का आरोप ।।
👉� लश्कर -ए-तय्यबा व ISI के लिए काम करता था आरोपी ।।

जौनपुर में श्रमजीवी बम काण्ड का एक और आरोपी ओबैदुर्रहमान को फांसी की सजा व् 10.30 लाख रुपया जुर्माना

जौनपुर , 31 अगस्त  । आज से 11 साल पहले श्रमजीवी एक्सप्रेस पर हुए आतंकवादी हमले के एक और आरोपी ओबैदूर्रहमाँन उर्फ़ बाबू भाई को आज अदालत ने मृत्यु दंड सजा व् 10.30 लाख रुपया जुर्माना की सजा सुनायी है ।
                  जिले के अपर जिला एवं  सत्र न्यायाधीश ( प्रथम )बुधिराम यादव की अदालत में आज एक आरोपी ओबैदुर्रहमांन उर्फ़ बाबु भाई को कड़ी सुरक्षा के बीच पेश किया गया , अदालत ने  आरोपी बाबूभाई  को फांसी की सजा  व् 10.30 लाख रुपया जुर्माना की सजा सुनायी है ।
     श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन में हुए बम विस्फोट की 28 जुलाई को 11 वीं बरसी थी और अदालत में इस मामले की सुनवाई अब भी जारी है। ओबैदुर्रहमान उर्फ़ बाबू  भाई के मामले कुल 56 गवाह पेश् हुए हैं।    आरोपी बाबू भाई को 09 मैं 2006 को मुर्शिदाबाद --बंगाल की जेल से वारंट बी के जरिये जौनपुर लाया गया था ।तफ्तीश में यह तथ्य सामने आया था कि यह लश्करे -तैयबा व् आई एस आई के लिए भी काम करता था । 28 जुलाई 2005 को पटना से चलकर नई दिल्ली जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रैन के सामान्य डिब्बे में यात्रा कर रहे लोगों को यह आभास नही था कि यह उनके  जीवन का अंतिम समय होगा।
[8/31, 2:27 PM] ‪+91 96488 32525‬: उत्तर प्रदेश् के जौनपुर जिले के हरपालगंज (सिंगरामउ) व कोइरीपुर (सुल्तानपुर) रेलवे स्टेशनो के बीच हरिहरपुर रेलवे क्रासिंग पर श्रमजीवी एक्सप्रेस में हुए भीषण बम विस्फोट में 14 लोग मारे गये और कम से कम 90 लोग घायल हो गये थे। इस बम विस्फोट में शैफफैजल, कुनाल, सुधीर कुमार, परमशिला , विनोद, रविदास, कमालुद्दीन, सुबास ठाकुर, कुमारी कविता, सुबोध बढ़ई, अरविन्द सिंह, संतोष, दिगम्बर चौधरी, सफीक उर्फ डब्बू और अमरनाथ चौबे की जाने गयी थी।
      बम विस्फोट के पीछे आतंकवादी ओबैदुर्रहमान उर्फ बाबूूभाई (बंगलादेश्) नफीकुल विशवास (मुर्शीदाबाद), सोहाग खान उर्फ हिलाल उर्फ हिलालुद्दीन (बंगलादेश् ), मोहम्मद आलमगिर उर्फ रोनी (बंगलादेश्), डाक्टर सईद और गुलाम राजदानी का हाथ होने के बारे में पता चला। इसमें से डाक्टर सईद का अभी तक कोई सुराग नही मिला है जबकि एक आरोपी गुलाम राजदानी उर्फ याहिया को मुठभेड़ में मारा जा चुका है।इस घटना को अंजाम देने की योजना राजशाही बांग्लादेश में बनी थी ।
[8/31, 2:27 PM] ‪+91 96488 32525‬: इस घटना में सामिल रहे अन्य आतंकवादीयों में से मो शरीफ अभी फरार चह रहा है, उसकी गिरफ्तारी के लिए इण्टरपोल की मदद ली जा रही है। इस मामले में पुलिस ने पहले तीन आरोपी आतंकवादी क्रमशः  ओबैदुर्रहमान, हिलालुद्दीन व नफीकुल विश्वास को पहले गिरफ्तार किया और तीनों को जौनपुर कारागर में बन्द किया गया। वर्ष 2007 में दिल्ली में मो0 आलमगीर उर्फ रोनी को गिरफ्तार किया और उसे तिहाड़ जेल में रखा गया है वही से हर पेशी पर जौनपुर लाया जाता था ,रोनी को गत 30 जुलाई को फांसी की सजा सुनायी जा चुकी है। इस समय रोनी केंद्रीय कारागार नैनी इलाहाबाद में है ।इस मामले की सुनवाई जिले के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश् ( प्रथम ) बुधि राम यादव कर रहे हैं।
                 दौरान परीक्षण 2 आरोपी आतंकवादियो नफीकुल विशवास व् हिलालुद्दीन को एक अन्य मुकदमे के सिलसिले में हैदराबाद भेजा गया है , उनके मामले में 20 सितम्बर को सुनवाई हेतु तिथि नीयत की गई है , दोनों को जौनपुर लाने के लिये वारंट बी हैदराबाद भेजा गया है ।अनेक घरों को उजाड़ देने और कई लोगों के भरण-पोषण का सहारा छीन लेने वाले इस काण्ड को हुए कल 11 वर्ष पूरा हो जायेगा। मगर तत्कालीन रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव द्वारा नौकरी के लिए दिया गया आश्वासन पूरा नही हो सका। इस हादसे में मरने वालों के परिजन आज भी रेलमंत्री सुरेश प्रभु से नौकरी की आस लगाये बैठे हैं। इस मामले में दिल्ली के सहायक पुलिस आयुक्त संजीव यादव भी वतौर साक्षी अपना बयान दे चुके है।

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