संदिग्ध परिस्थितियों में बृद्ध की मौत, हत्या का शक परिजनों पर
शव को सील करती पुलिस
कोंच। ग्राम तीतराखलीलपुर में बीती रात्रि एक पचासी बर्षीय वृद्घ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत को लेकर गांव में तरह तरह की चर्चायें हैं और लोगों को शक है कि वृद्घ की हत्या की गई है, शक के घेरे में परिजन ही आ रहे हैं। गांव के चौकीदार की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने शव का पंचायतनामा भर कर पोस्टमॉर्टम के लिये भिजवाया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा कि मौत स्वाभाविक है या हत्या।
मिली जानकारी के मुताबिक कोतवाली क्षेत्र के ग्राम तीतराखलीलपुर निवासी छोटेलाल वर्मा (85) पुत्र स्वरूप वर्मा की बीती रात नौ बजे के आसपास संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इसकी सूचना गांव के चौकीदार ने कोतवाल मनवीर सिंह को दी जिस पर कोतवाल मनवीर सिंह, एसआई जयवीर सिंह मौके पर पहुंचे और मामले के बाबत जानकारी ली। सीओ एके शुक्ल भी बाद में मौके पंचायतनामा भरती कोतवाली पुलिस
पर पहुंच गये थे। वहां ग्रामीणों में इस बात की चर्चा रही कि वृद्घ की हत्या की गई है और शक की सुई परिजनों पर ही घूम रही है। मृतक के पास दो बीघे जमीन थी जिसका बैनामा उसके बेटे लक्ष्मीनारायण ने अपने बेटे के नाम करा दिया था जिसे लेकर लक्ष्मीनारायण के अन्य चार भाइयों ने मुकदमा भी न्यायालय में दायर किया हुआ था। पुलिस ने चौकीदार की सूचना पर शव को पोस्टमॉर्टम के लिये भेजा है। गौरतलब यह है कि शाम के वक्त मृतक छोटेलाल खाना खाकर लेट गया था लेकिन सुबह जब उसकी बहू गंगादेवी पत्नी बंशीधर उसे चाय देने गई तो छोटेलाल जमीन पर मृत पड़ा पाया गया और उसके ऊपर तौलिया पड़ा था। जमीन की लिखापढी को लेकर गांव में पहले भी पंचायत हो चुकी है। आशंका जताई जा रही है कि इसी जमीनी विवाद में वृद्घ का काम निपटा दिया गया है। पुलिस को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है तभी यह साफ हो सकेगा कि यह स्वाभाविक मौत है या हत्या।
संघ ने स्थापना दिवस पर किया पथ संचलन
नगर की सडक़ों पर पथ संचलन करते आरएसएस के स्वयंसेवक
कोंच। राष्टï्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस विजय दशमी के अवसर पर आज कोंच संघ इकाई के तत्वाधान में पथ संचलन का कार्यक्रम आहूत किया गया जिसमें नगर के अलावा जिला व क्षेत्र के सैकड़ों स्वयंसेवकों ने सहभागिता की। संचलन के समापन पर शस्त्र पूजन का कार्यक्रम किया गया।
नगर में आज आरएसएस द्वारा पथ संचलन का कार्यक्रम आहूत किया गया। सैकड़ों की संख्या में संघ स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में कतारबद्घ तरीके से रिदम में चल रहे थे। संघ का घोष संजय सोनी, आशुतोष रावत, धु्रव सोनी, नीरज दुवे सहित कई कार्यकर्ता बजा रहे थे। बजरिया हाटा स्थित श्रीमती सुशीलादेवी महंत सरस्वती शिशु मंदिर एवं विद्या मंदिर से दो कतारों में प्रारंभ हुआ और मालवीय नगर, सुभाषनगर, पटेलनगर, स्टेट बैंक, लवली चौराहा, मानिक चौक, सर्राफा बाजार, रामगंज, चौकी तिराहा होकर रेलवे क्रॉसिंग से होता हुआ मंडी स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में समाप्त हो गया। संचलन मार्ग में कई जगह हिंदू घरों से पुष्पबर्षा की गई। लवली चौराहे पर धर्मेन्द्र यादव की टीम ने स्वयंसेवकों का स्वागत किया। इस दौरान जिला प्रचारक पीयूष, नगर संघ चालक डॉ. अनिल झा, नगर कार्यवाह शैलेष सोनी, पूर्व विधायक संतरामसिंह सेंगर, पूर्व जिलाध्यक्ष्ज्ञ भाजपा मूलचंद्र निरंजन, पुष्पेन्द्रसिंह सेंगर, मिरकू महाराज, केके मिश्रा, ओमनारायण मिश्रा, संजीव सोनी, मौसम अग्निहोत्री, धर्मेन्द्र दुवे, दशरथ पटेल, ओमप्रकाश दुवे तूमरा, आशुतोष मिश्रा, आकाश बुधौलिया, विनोदकुमार सिंह गुर्जर, संजय सेंगर, विवेक तिवारी, दीपेन्द्र सेंगर, चतुर्भुज चंदेरिया सहित तमाम स्वयंसेवक मौजूद रहे।
पूर्व सांसद व राष्ट्रीय महासचिव बृजलाल खाबरी ने की बसपा से बगावत, कांग्रेस में शामिल
लखनऊ। बसपा के मिशनरी कार्यकर्ता और विधायक व सांसदों को पार्टी छोड़कर किसी दूसरे दलों में जाना रुकने का नाम नही ले रहा है। एक और बसपा के पूर्व सांसद व राष्ट्रीय महासचिव बृजलाल खाबरी ने पार्टी से बगावत कर कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। बृजलाल खाबरी के इस निर्णय से जहां एक ओर बसपा कार्यकर्ताओं में मायूसी छाई है तो वहीं कांग्रेस पार्टी में खुशियां मनाई जा रही है।
मालूम हो कि सासंद बृजलाल खाबरी बसपा के मिशनरी कार्यकर्ता हैं और उन्हें पिछले लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी में उपेक्षित रखकर झारखण्ड की कमान सौंपी थी। उपेक्षा से परेशान बृजलाल खाबरी ने आज गुलामनवी आजाद और प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश राज बब्बर की मौजूदगी में बसपा को छोड़कर कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। यह सासंद और मिशनरी कार्यकर्ता द्वारा पार्टी को छोड़ना पहले नही है। इससे पहले भी कई विधायक और सासंद पार्टी छोड़कर अन्य दलों में जा चुके है। इसके बाद भी बसपा के अन्य मिशनरी कार्यकर्ता और सुप्रीमो मायावती के हौंसले कमजोर नही हुए है।
लखनऊ। बसपा के मिशनरी कार्यकर्ता और विधायक व सांसदों को पार्टी छोड़कर किसी दूसरे दलों में जाना रुकने का नाम नही ले रहा है। एक और बसपा के पूर्व सांसद व राष्ट्रीय महासचिव बृजलाल खाबरी ने पार्टी से बगावत कर कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। बृजलाल खाबरी के इस निर्णय से जहां एक ओर बसपा कार्यकर्ताओं में मायूसी छाई है तो वहीं कांग्रेस पार्टी में खुशियां मनाई जा रही है।
मालूम हो कि सासंद बृजलाल खाबरी बसपा के मिशनरी कार्यकर्ता हैं और उन्हें पिछले लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी में उपेक्षित रखकर झारखण्ड की कमान सौंपी थी। उपेक्षा से परेशान बृजलाल खाबरी ने आज गुलामनवी आजाद और प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश राज बब्बर की मौजूदगी में बसपा को छोड़कर कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। यह सासंद और मिशनरी कार्यकर्ता द्वारा पार्टी को छोड़ना पहले नही है। इससे पहले भी कई विधायक और सासंद पार्टी छोड़कर अन्य दलों में जा चुके है। इसके बाद भी बसपा के अन्य मिशनरी कार्यकर्ता और सुप्रीमो मायावती के हौंसले कमजोर नही हुए है।
पति मनु अभिषेक ही कातिल निकला न्यायिक मजिस्ट्रेट पत्नी प्रतिभा गौतम का
उरई की बेटी थीं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतिभा गौतम
पुलिस के सामने किया जुर्म स्वीकारकानपुर-प्रतिभा गौतम मर्डर मिस्ट्री में बड़ा खुलासा,प्रतिभा गौतम की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का ब्योरा ,गला घोंटकर की गई थी प्रतिभा गौतम की हत्या,गले पर तेज धार हथियार के 5 निशान पाए गए,मरने के पहले गला घोंटने के भी सबूत रिपोर्ट में मिले,आत्महत्या का रूप दिखाने के लिए हाथ की नसें काटी,बहुत चालाक,शातिर और वहशी दरिंदा था हत्यारा,मरने के पहले प्रतिभा गौतम को बहुत तड़पाया गया था कानपुर- सूत्रों का बड़ा खुलासा,पति अभिषेक मनु ने की थी प्रतिभा की हत्या,पुलिस जल्द कर सकती है मर्डर मिस्ट्री का खुलासा, प्रतिभा के शरीर पर 15 से 20 जगह चोट के निशान पाए गए,प्रतिभा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों का हुआ खुलासा,हत्या को आत्महत्या दिखाने के लिए रची गई साजिश मान कर जांच कर रही है.
कानपुर-महिला जज प्रतिभा गौतम की रहस्यमय हत्या,कानपुर में जज कॉलोनी आवास में मिली लाश,घटना औऱ बाद के हालात बहुत रहस्यमय हैं,प्रतिभा गौतम की पति के साथ अनबन चल रही थी,हत्या के बाद से नौकर और ड्राइवर गायब हो गए,प्रतिमा के हाथ की नस कटी थी,गला भी घोंटा,हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश हुई,आरुषि हत्याकांड से भी ज्यादा बड़ी मिस्ट्री प्रतिभा मर्डर मिस्ट्री
बड़ा राज है उरई की बेटी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतिभा गौतम की मौत, संदेह की सुई पति पर जा ठहरी
कानपुर की मजिस्ट्रेट प्रतिभा गौतम की मर्डर मिस्ट्री आरुषि कांड से भी बड़ी है. ऐसा मानना है मामले की तफ्तीश कर रही पुलिस का.
इस बीच पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी खुलासा हुआ है कि प्रतिभा की मौत गला घोटने से हुई है. इसके अलावा उसके गले पर चाकुओं के पांच निशान भी पाए गए हैं. प्रतिभा की हत्या के बाद उसके शव को पंखे लटकाकर आत्महत्या दिखने का प्रयास किया गया. इतना ही नहीं हत्या के बाद प्रतिभा के दोनों हाथों की नसों को भी काटा गया.
आरुषि कांड से भी बड़ी मर्डर मिस्ट्री है जज प्रतिभा गौतम की हत्या!
पुलिस का कहना है कि ह्त्यारा बहुत ही शातिर और चालाक है. पुलिस के मुताबिक हत्यारे ने पहले बेरहमी से मजिस्ट्रेट का क़त्ल किया फिर इसे आत्महत्या का शक्ल दे दिया. फिलहाल पुलिस दावा कर रही है कि जल्द ही मामले का खुलासा हो जाएगा.
इस बीच घर का नौकर और ड्राईवर भी गायब हैं. जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है. पुलिस को मौका-ए-वारदात से बियर और शराब की बोतल भी मिली है.
दूसरी तरफ पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या का खुलासा होने के बाद एडीजी लॉ एंड आर्डर दलजीत चौधरी ने पति मनु अभिषेक की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं.
प्रेग्नेंट थीं प्रतिभा गौतम
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि 30 वर्षीया प्रतिभा गौतम प्रेग्नेंट थीं. प्रतिभा ने अपने परिवर के खिलाफ जाते हुए जनवरी 2016 में प्रेमी मनु अभिषेक से शादी की थी.
पिता ने कहा मेरी बेटी ख़ुदकुशी नहीं कर सकती
उरई के रहने वाले बैंक से रिटायर्ड राजा राम ने अपनी बेटी की मौत को हत्या बताते हुए कहा कि उनकी बेटी हत्या नहीं कर सकती. उनका आरोप है कि कहीं न कहीं दामाद मनु अभिषेक की वजह से ही उसकी मौत हुई है. उन्होंने कहा कि अगर उसने आत्महत्या भी की तो उसके पीछे की वजह क्या थी.
पति मनु अभिषेक ने दी थी पुलिस को सूचना
मनु अभिषेक ने कैंट थाने में जाकर पुलिस को सूचना दी कि उसकी पत्नी का शव पंखे से लटका हुआ है. उसने बताया कि काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब नहीं खुला तो उसने दरवाजा तोड़ दिया. जिसके बाद अंदर का दृश्य देखकर उसके होश उड़ गए. मनु ने बताया कि दोनों के बीच कोई अनबन नहीं थी.
इस बीच पुलिस ने फ़िलहाल पति मनु को हिरासत में लेकर दफा 302 और 304 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर अपनी जांच कर रही है.
मोहब्बत से मौत तक का सफर बना बड़ा राज
पूछताछ के दौरान मनु अभिषेक ने बताया कि उरई के रहने वाले बैंक से रिटायर्ड राजा राम की बेटी प्रतिभा गौतम पीसीएस की तैयारी कर रही थी, उसी के साथ वह भी तैयारी कर रहा था. मनु ने बताया कि उसके पिता सुरेश चंद्र भी रिटायर्ड जज हैं.
2013 बैंच में प्रतिभा का चयन हुआ था, लेकिन उसका नहीं हो सका. लेकिन दोनों में प्रेम प्रसंग हो गया. 2015 में प्रतिभा के कानपुर देहात में जूडिशियल मजिस्ट्रेट के पद पर ज्वाइनिंग के बाद वह दिल्ली हाइकोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस करने लगा.
वहीं प्रतिभा के घर वाले शादी को तैयार नहीं हुए तो उन दोनों ने 29 जनवरी 16 को आर्य समाज से प्रेम विवाह कर लिया. 23 अप्रैल को दिल्ली में शादी की पार्टी में भी लड़की के परिजन शामिल नहीं हुए थे.
पुलिस सूत्रों की माने तो शताब्दी से दिल्ली पहुंचने पर प्रतिभा को साथ लिया और घर जाते समय रास्ते में विवाद हुआ और प्रतिभा कार से उतरकर चली गई. फोन भी बंद कर लिया. उसकी फ्रेंड से बात की तो पता चला कि नंबर आन है. यहां पर दरवाजा नहीं खुलने पर दरवाजा तोड़ा और अंदर देखा तो वह फंदे से लटकी थी. हालांकि पुलिस मामले को संदिग्ध मान कर जांच कर रही है.
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