बार-बार नहीं ले पाएंगे सेवाओं का लाभ,सरकार रखेगी आधार पर नजर
आधार यानी, नागरिक का एक स्थायी और विशेष पहचान पत्र। साल 2009 से आधार कार्ड की शुरुआत हुई थी और इसका मकसद नागरिकों को सरकारी योजनाओं की सेवा और लाभ देना था। लेकिन धीरे धीरे देखा जाने लगा कि एक व्यक्ति सरकारी सेवा का लाभ एक बार से ज्यादा लेने लगा, ऐसे में ये आधार कार्ड धोखे का आधार बन गया।
वैसे तो पहचान की तौर पर नागरिकों की आंखों की पुतलियों और उनकी ऊंगलियों के निशान लिए जाते हैं, ताकि हर व्यक्ति सरकारी निगरानी में रहे। अब सरकार इस निगरानी को और कड़ी करने जा रही है। हमारे सहयोगी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक अब सरकार हर व्यक्ति के आधार कार्ड की निगरानी सात साल तक रखेगी।
जी हां, खबर है कि सरकार हर व्यक्ति के आधार कार्ड संबंधित सभी रिकॉर्ड ऑनलाइन रखेगी और व्यक्ति खुद भी अपने रिकॉर्ड चेक कर सकेंगे।
दरअसल, ये प्रक्तिया आधार कार्ड के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए निकाली गई है। इसके तहत दो साल नागरिक के कार्ड के रिकॉर्ड सरकार के पास ऑनलाइन में रहेंगे और पांच साल तक ऑफलाइन रहेंगे।
यूआईडीएआई के कार्यकारी अफसर एबीपी पांडे ने कहा, ये मामला बहुत ही संगीन होता जा रहा था। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत नागरिक दो साल तक ऑनलाइन अपनी सारी सेवाएं और योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेगा, लेकिन बाकी 5 साल तक आरकाइव में डिटेल्स संरक्षित रहेगी।
लेकिन साथ में उन्होंने ये भी कहा कि जिला न्यायाधीष की मंजूरी के बगैर कोई भी सुरक्षा एजेंसी इस संबंधित सूचना हासिल नहीं कर सकती है। यदि व्यक्ति ने विशेष पहचान क्रमांक नहीं लिया तो उसे सरकार की कोई भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
50 लाख से ज्यादा लोग फिलहाल एलपीडी सब्सिडी, राशन की सुविधा ले पा रहे हैं, जबकि 10 करोड़ से ज्यादा लोगों रोजाना अपनी मांग भेज रहे हैं। दरअसल, सरकार पिछले काफी समय से ही लोगों के पहचान पत्र की निगरानी को लेकर एक डाटा बेस तैयार करने का सोच रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस बावत, रेलवे, खाद्य विभाग सबसे जानकारियां हासिल कर रही हैं।
इस नई प्रक्रिया के तहत सुरक्षा एजेंसियों के पास हर व्यक्ति के क्रमांक के साथ वो कैसे और कितनी सेवाओं का लाभ कितनी बार ले रहा है, इसकी पूरी जानकारी होगी। हालांकि सात साल लंबा वक्त होता है। इसलिए कुछ विशेष सेवाएं ऐसी होंगी जिनकीजानकारी इतने लंबे समय तक रखी जाएगी, बाकी केवल दो साल तक ही रहेंगी।
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