यूपी में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुल 23 रैलियां की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के कामकाज के बखान के साथ ही विपक्षी दलों पर खुलकर हमले किए। मोदी के कुछ ऐसे बयानों पर एक नजर जिन्होंने चुनाव की दिशा बदल दी।
4 फरवरी, मेरठ
भाजपा की लड़ाई स्कैम के खिलाफ लड़ाई है। स्कैम से मेरा मतलब है- एस समाजवादी, सी कांग्रेस, ए अखिलेश, एम मायावती। उत्तर प्रदेश तय करे। आपको स्कैम चाहिए कि भाजपा चाहिए।
5 फरवरी, अलीगढ़
ये लोग सिर्फ चुनाव जीतने के लिए ही इकट्ठे नहीं आए हैं, ये इसलिए इकट्ठे आए हैं कि अगर मोदी का राज्यसभा में भी बहुमत हो गया तो मोदी ऐसे कानून बनाएगा कि चोर लुटेरों के लिए कोई जगह नहीं बचेगी।
8 फरवरी, गाजियाबाद
जब 2019 का चुनाव आएगा तो मोदी आपको सामने से आकर पूरा हिसाब देगा। अभी तो उनकी बारी है जो यूपी में पहले से काबिज हैं। वो बतायें, उन्होंने उत्तर प्रदेश की भलाई के लिए क्या काम किया?
10 फरवरी, बिजनौर
मैं आपसे वादा करता हूं कि यूपी में सरकार बनते ही छोटे किसानों का कर्जा माफ करवाऊंगा। यूपी में भाजपा की सरकार बनते ही गन्ना किसानों को उनका बकाया पैसा दिया जाएगा।
13 फरवरी, लखीमपुर
अखिलेश सरकार का काम नहीं कारनामा बोलता है। आपकी पार्टी के दबंग लोगों के कारनामे बोलते हैं, आपकी पार्टी में गुंडागंर्दी करने वालों के पाप बोलते हैं। छत पर चढ़करके बोल रहे हैं।
15 फरवरी, कन्नौज
मुख्यमंत्री अखिलेश को अपने पिता पर हुआ हमला भी याद नहीं रहा। कुर्सी की मोह में आज उसी कांग्रेस के गोद में जाकर बैठ गए हैं जिसने उनके पिता की हत्या का षड्यंत्र रचा था।
16 फरवरी, हरदोई
मेरा जन्म गुजरात में हुआ, यूपी ने मुझे गोद लिया है। यूपी मेरा माईबाप है। मैं माईबाप को अकेले नहीं छोड़ूगा। भारी बहुमत से यूपी में बीजेपी की सरकार बनाइए। वादा है पांच साल के भीतर हर समस्या का हल खोजकर दूंगा।
19 फरवरी, फतेहपुर
अगर गांव में कब्रिस्तान बनता है तो श्मशान भी बनना चाहिए। अगर रमजान में बिजली चाहिए तो दीवाली में भी होनी चाहिए। अगर होली में है तो ईद में भी होनी चाहिए। सरकार का काम है कि भेदभाव मुक्त शासन चले।
20 फरवरी, उरई
बुंदेलखंड में इतना बड़ा गड्ढा है कि उसे बाहर निकालने के लिए अकेले लखनऊ का इंजन काम नहीं आएगा। उत्तरप्रदेश में बीजेपी का इंजन लगाना पड़ेगा और दिल्ली में भाजपा के प्रधानमंत्री का भी इंजन लगाना पड़ेगा, तब जाके बाहर आएगा भाइयों।
21 फरवरी, फूलपुर (इलाहाबाद)
जो कांग्रेस यह कह रही थी कि 27 साल यूपी बेहाल वही आज बेहाल करने वालों के साथ है। कांग्रेस-सपा गठबंधन अवसरवादी गठबंधन है।
23 फरवरी, बहराइच
अखिलेश को गधे से भी डर लगने लगा क्या? गधा अपने मालिक के प्रति वफादार होता है। मैं गधे से प्रेरणा लेता हूं और उससे ज्यादा काम करना चाहता हूं।
24 फरवरी, गोंडा
गोण्डा नेपाल से सटा है। कानपुर में रेल हादसा हुआ, उसमें सैकड़ों लोग मारे गए। उसमें कुछ लोग पकड़े गए हैं। यह हादसा षड़यंत्र के तहत हुआ। षड़यंत्र करने वाले सीमा पार बैठे हैं।
27 फरवरी, मऊ
यहां का बाहुबली मुस्कुराते हुए जेल जाता है, क्योंकि यहां जेल से ही गैंग चलता है। देखते हैं 11 मार्च के बाद जेलों में कैसे रंगीनियत रहती है। एक फिल्म आई थी बाहुबली जिसमें नायक सुधार करता है। हम कानून की छड़ी से सब सही करेंगे।
1 मार्च, महाराजगंज
नोटबंदी की घोषणा के दिन से ही विपक्षी नेता कहने लगे कि उद्योग बंद हो गए। देश पिछड़ गया। जीडीपी दर घटने के दावे किए। पर देश के मजदूरों, किसानों और जवानों ने दिखा दिया कि हार्वर्ड वालों से ज्यादा दम हार्ड वर्क वालों में है।
3 मार्च, मिर्जापुर में
जब यूपी के भ्रष्टाचार को सुनता हूं तो मुझे अशोक चक्रधर की कविता याद आती है। उन्होंने चार प्रकार के भ्रष्टाचार बताए नजराना, शुकराना, हकराना और जबराना। अब आपके पास एक प्रकार है हराना, सपा-बसपा-कांग्रेस को हराना।
5 मार्च, वाराणसी
सपा हो, बसपा हो या कांग्रेस। उनकी रगों में यही विचार दौड़ता है कुछ का साथ, कुछ का विकास। हम कहते हैं सबका साथ, सबका विकास। विकास में भेदभाव नहीं चलता है।
4 फरवरी, मेरठ
भाजपा की लड़ाई स्कैम के खिलाफ लड़ाई है। स्कैम से मेरा मतलब है- एस समाजवादी, सी कांग्रेस, ए अखिलेश, एम मायावती। उत्तर प्रदेश तय करे। आपको स्कैम चाहिए कि भाजपा चाहिए।
5 फरवरी, अलीगढ़
ये लोग सिर्फ चुनाव जीतने के लिए ही इकट्ठे नहीं आए हैं, ये इसलिए इकट्ठे आए हैं कि अगर मोदी का राज्यसभा में भी बहुमत हो गया तो मोदी ऐसे कानून बनाएगा कि चोर लुटेरों के लिए कोई जगह नहीं बचेगी।
8 फरवरी, गाजियाबाद
जब 2019 का चुनाव आएगा तो मोदी आपको सामने से आकर पूरा हिसाब देगा। अभी तो उनकी बारी है जो यूपी में पहले से काबिज हैं। वो बतायें, उन्होंने उत्तर प्रदेश की भलाई के लिए क्या काम किया?
10 फरवरी, बिजनौर
मैं आपसे वादा करता हूं कि यूपी में सरकार बनते ही छोटे किसानों का कर्जा माफ करवाऊंगा। यूपी में भाजपा की सरकार बनते ही गन्ना किसानों को उनका बकाया पैसा दिया जाएगा।
13 फरवरी, लखीमपुर
अखिलेश सरकार का काम नहीं कारनामा बोलता है। आपकी पार्टी के दबंग लोगों के कारनामे बोलते हैं, आपकी पार्टी में गुंडागंर्दी करने वालों के पाप बोलते हैं। छत पर चढ़करके बोल रहे हैं।
15 फरवरी, कन्नौज
मुख्यमंत्री अखिलेश को अपने पिता पर हुआ हमला भी याद नहीं रहा। कुर्सी की मोह में आज उसी कांग्रेस के गोद में जाकर बैठ गए हैं जिसने उनके पिता की हत्या का षड्यंत्र रचा था।
16 फरवरी, हरदोई
मेरा जन्म गुजरात में हुआ, यूपी ने मुझे गोद लिया है। यूपी मेरा माईबाप है। मैं माईबाप को अकेले नहीं छोड़ूगा। भारी बहुमत से यूपी में बीजेपी की सरकार बनाइए। वादा है पांच साल के भीतर हर समस्या का हल खोजकर दूंगा।
19 फरवरी, फतेहपुर
अगर गांव में कब्रिस्तान बनता है तो श्मशान भी बनना चाहिए। अगर रमजान में बिजली चाहिए तो दीवाली में भी होनी चाहिए। अगर होली में है तो ईद में भी होनी चाहिए। सरकार का काम है कि भेदभाव मुक्त शासन चले।
20 फरवरी, उरई
बुंदेलखंड में इतना बड़ा गड्ढा है कि उसे बाहर निकालने के लिए अकेले लखनऊ का इंजन काम नहीं आएगा। उत्तरप्रदेश में बीजेपी का इंजन लगाना पड़ेगा और दिल्ली में भाजपा के प्रधानमंत्री का भी इंजन लगाना पड़ेगा, तब जाके बाहर आएगा भाइयों।
21 फरवरी, फूलपुर (इलाहाबाद)
जो कांग्रेस यह कह रही थी कि 27 साल यूपी बेहाल वही आज बेहाल करने वालों के साथ है। कांग्रेस-सपा गठबंधन अवसरवादी गठबंधन है।
23 फरवरी, बहराइच
अखिलेश को गधे से भी डर लगने लगा क्या? गधा अपने मालिक के प्रति वफादार होता है। मैं गधे से प्रेरणा लेता हूं और उससे ज्यादा काम करना चाहता हूं।
24 फरवरी, गोंडा
गोण्डा नेपाल से सटा है। कानपुर में रेल हादसा हुआ, उसमें सैकड़ों लोग मारे गए। उसमें कुछ लोग पकड़े गए हैं। यह हादसा षड़यंत्र के तहत हुआ। षड़यंत्र करने वाले सीमा पार बैठे हैं।
27 फरवरी, मऊ
यहां का बाहुबली मुस्कुराते हुए जेल जाता है, क्योंकि यहां जेल से ही गैंग चलता है। देखते हैं 11 मार्च के बाद जेलों में कैसे रंगीनियत रहती है। एक फिल्म आई थी बाहुबली जिसमें नायक सुधार करता है। हम कानून की छड़ी से सब सही करेंगे।
1 मार्च, महाराजगंज
नोटबंदी की घोषणा के दिन से ही विपक्षी नेता कहने लगे कि उद्योग बंद हो गए। देश पिछड़ गया। जीडीपी दर घटने के दावे किए। पर देश के मजदूरों, किसानों और जवानों ने दिखा दिया कि हार्वर्ड वालों से ज्यादा दम हार्ड वर्क वालों में है।
3 मार्च, मिर्जापुर में
जब यूपी के भ्रष्टाचार को सुनता हूं तो मुझे अशोक चक्रधर की कविता याद आती है। उन्होंने चार प्रकार के भ्रष्टाचार बताए नजराना, शुकराना, हकराना और जबराना। अब आपके पास एक प्रकार है हराना, सपा-बसपा-कांग्रेस को हराना।
5 मार्च, वाराणसी
सपा हो, बसपा हो या कांग्रेस। उनकी रगों में यही विचार दौड़ता है कुछ का साथ, कुछ का विकास। हम कहते हैं सबका साथ, सबका विकास। विकास में भेदभाव नहीं चलता है।

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