प्रतापगढ़ -
बकुलाही में बाढ़, हजारों एकड़ फसल जलमग्न
कुंडा, प्रतापगढ़ व आसपास के जिलों में होने वाली बारिश का पानी आने से बकुलाही नदी के जलस्तर में तेजी से इजाफा हुआ है। नदी में आई बाढ़ ने आसपास की हजारों एकड़ जमीन को चपेट में ले लिया। दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसानों की हजारों एकड़ में लगी धान की फसल पानी में समा गई। गाढ़ी मेहनत की कमाई से पैदा होने वाली धान की फसल अपनी आंखों के सामने बर्बाद होते देख वे खून के आंसू रो रहे हैं।
तहसील क्षेत्र कुंडा की सीमा से निकली बकुलाही नदी के किनारे लवाना भवानीगंज, मद्दूपुर, संग्रामगढ़, कामापट्टी, खनवारी, सराय सुभद्रा, बकोल, लालू पट्टी, रघुबर, धनगर, अवसान गंज, रमईपुर, पींग, गिस्था, डिहवा जलालपुर, बल्ला, मसवन, सराय गोपाल, ऐंधा, अंजनी, कनावां, रामगढ़, करमाजीत पट्टी, फूलपुर, बिहार, मुगलपुर, शिया, वंशीयारा, कोरणाजीत समेत करीब चार दर्जन गांव स्थित हैं। उक्त गांव के किसानों की खेती बकुलाही नदी के किनारे स्थित है जिनमें धान की रोपाई की थी रोपाई के बाद शुरू हुई बारिश का पानी अब किसानों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। जनपद के साथ ही आसपास के जनपदों में होने वाली बारिश का पानी नदी नालों के बीच होकर बकुलाही नदी में पहुंच रहा है। इससे बकुलाही का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। जलस्तर बढ़ने से सैकड़ों किसानों की हजारों एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई है। किसानों के सामने जीविकोपार्जन की समस्या खड़ी हो रही है।
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