प्रतापगढ़
कन्या विद्याधन से बदली बेटियों की जिंदगी
उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से बुधवार को शहर के साकेत महिला महाविद्यालय में ‘नारी शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान’ विषयक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं के साथ ही अफसरों ने महिला सशक्तीकरण पर अपने विचार रखे। मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि छात्र-छात्राओं को लैपटॉप मिलने से जहां उनका उत्साह दोगुना हो गया है, वहीं कन्या विद्याधन मिलने से बालिकाओं की आगे की पढ़ाई की राह आसान हो गई है। नारी सुरक्षा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की तरफ से महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनी वूमेन पॉवर लाइन 1090 आज पूरे देश में मिसाल बन गई है।
शहर के दहिलामऊ स्थित साकेत गर्ल्स पीजी कॉलेज में बुधवार को आयोजित संगोष्ठी में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम योजना के तहत गरीबों को 3.05 लाख रुपये की लागत से पक्का मकान, सीसी सड़क और गांवों को मुख्यमार्ग से जोड़ने की पहल हो रही है। बीते चार वर्षों में लोहिया समग्र गांव चयनित 148 गांवों के 17,578 परिवारों का लोहिया आवास बनाया जा चुका है। डीआईओएस डॉ. ब्रजेश मिश्र ने कहा कि सरकार के चार साल के कार्यकाल में 36,622 छात्र-छात्राओं को लैपटॉप और 15,589 छात्राओं को कन्या विद्या धन की धनराशि वितरित की जा चुकी है। जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण सिंह ने कहा कि बुढ़ापे में पेंशन ही जीने का सहारा होती है।
उन्होंने बताया कि समाजवादी पेंशन योजना के तहत जिले के 74,915 लोगों को पांच-पांच सौ रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। नगरीय विकास अभिकरण के जिला समन्वयक प्रभात मिश्रा ने कौशल विकास प्रशिक्षण की जानकारी देते हुए युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया। इसके पूर्व एडीएम पुनीत शुक्ला ने विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम का शुभारंभ सीडीओ महेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम पुनीत शुक्ला, एसडीएम सदर शशिभूषण राय और डीआईओएस डॉ. ब्रजेश मिश्रा ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। साकेत गर्ल्स पीजी कॉलेज की छात्राएं श्वेता, निधि, नैंसी, मोहनी, एकता ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया। कार्यक्रम का संचालन विवेक उपाध्याय और मोहिनी दुबे ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर व्यापारी नेता मंजीत सिंह छाबड़ा, राजेंद्र केसरवानी, श्रीकिशोर अग्रवाल, रोशनलाल उमरवैश्य, आनन्द मोहन ओझा, रमाज्ञान केसरवानी, डॉ पीयूषकांत शर्मा, एसीएमओ डॉ. मुनींद्र नारायण, मुक्कू ओझा, हरीश शुक्ला, प्रभात शुक्ला, रीना सिंह, सुरेश त्रिपाठी, सत्येंद्र शुक्ला, सतनाम कौर आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहीं
प्रतापगढ़
पैर फिसलने से नहर में गिरा किशोर, मौत
पैर फिसलने से एक किशोर नहर में गिर गया। उसने काफी हाथ-पांव मारे, लेकिन बच नहीं सका। हादसा देख रहे लोगों ने शोर मचाया और परिजनों को सूचना दी। दूसरे दिन शव करीब दो किमी दूर मिला।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के बियासपुर गांव निवासी अमन सिंह (11) पुत्र मान सिंह सोमवार शाम गांव के पास से नहर के पास शौच के लिए गया था। शौच करने के बाद वह नहर के पास गया। इस दौरान पैर फिसलने से वह नहर में गिर गया। उसने हाथ-पैर मारे, लेकिन बाहर निकलने में सफल नहीं हो सका। लोगों ने खोजबीन की, लेकिन पता नहीं चला। मंगलवार शाम दो किमी दूर उसका शव नहर में मिला।
प्रतापगढ़
ट्रेनिंग कर रहा वनरक्षक अचेत
स्थानीय वन प्रभाग के वानिकी ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त करने आया एक वनरक्षक दौड़ लगाते समय अचेत हो गया। साथियों ने प्रशिक्षक पर मनमानी करने का आरोप लगाते आक्रोश जताया। लालगंज के वानिकी प्रशिक्षण संस्थान में 41 वनरक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। पहली जुलाई से इनका छह माह का प्रशिक्षण होना था, लेकिन पौधरोपण कार्यक्रम में अधिकारियाें के व्यस्त होने के चलते 15 जुलाई से प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ।
बुधवार को वनरक्षकों को सुबह दौड़ कराने के लिए ले जाया गया। इस दौरान एक प्रशिक्षण लेने आया एक वनरक्षक सुधीर मिश्रा (28) पुत्र राधेश्याम अचेत होकर सड़क पर गिर गया। उसे आनन-फानन में साथी लालगंज सीएचसी ले गए। जहां कुछ देर उपचार के बाद उसे होश आ गया। यहां पहुंचे वनरक्षकों ने ट्रेनर राजेश निगम पर मनमानी करने का आरोप लगाते हंगामा शुरू कर दिया। इनका कहना था कि दस किलोमीटर दौड़ लगवाने का नियम है, लेकिन ट्रेनर उन्हें प्रतिदिन 15 किलोमीटर की दौड़ लगवाता है। इससे आए दिन कोई न कोई वनरक्षक अचेत हो जाता है। मनमानी का आरोप लगाते हुए प्रशिक्षक के खिलाफ वनरक्षकाें ने हंगामा काटा। उधर, ट्रेनर राजेश निगम का कहना था कि वनरक्षकों को नियमानुसार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में शासनादेश का पालन किया जा रहा है। प्रशिक्षण कठिन है और वनरक्षक इससे बचने व दबाव बनाने के लिए मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं।
प्रतापगढ़
अब अस्पतालों को मिलेगी 24 घंटे बिजली
बिजली का संकट झेल रहे जिला पुरुष और महिला अस्पतालों के मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें चौबिस घंटे बिजली की सप्लाई मिलेगी। जिससे उनको बिजली का संकट नहीं झेलना पड़ेगा। बिजली विभाग ने इसकी तैयारी कर ली है। सितंबर माह में दोनों अस्पतालों को 11 हजार की लाइन से जोड़ने की तैयारी है। फिलहाल यह व्यवस्था अस्थाई रहेगी। उसके बाद गड़वारा उपकेंद्र से इसकी सप्लाई जोड़कर
दोनों अस्पतालों को चौबीस घंटे मिल सके इसके लिए स्वास्थ्य महकमे ने वर्ष 2013 में ही पहल कर दी थी। इसके लिए अलग से फीडर के साथ लाइन, पोल आदि पर खर्च के लिए 96 लाख रुपये की धनराशि बिजली विभाग को दी गई थी। भुपियामऊ सबस्टेशन से लाइन खींची जानी थी। मगर उस समय इसके रास्ते में तमाम रुकावटें आ गईं, जिसके कारण काम बंद कर दिया गया। दो साल बीत जाने के बाद फिर से अस्पताल की बिजली का मुद्दा गरमाया हुआ है। इस बार योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए शासन स्तर से भी बिजली अफसरों पर दबाव बनाया गया है। इस बार अधिकारियों की बहानेबाजी नहीं चलने वाली है।
पता चला है कि अस्पतालों को चौबीस घंटे बिजली देने के सरकारी प्लान को अमली जामा पहनाने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। इस बार बिजली भुपियामऊ उपकेंद्र से न देकर दहिलामऊ सबस्टेशन से दी जाएगी। 11 हजार लाइन से केबल से दोनों अस्पतालों को फिलहाल जोड़ दिया जाएगा। इस बारे में एक्सईएन एसपी मिश्रा ने बताया कि कार्यप्रगति पर है। अभी फिलहाल चौबीस घंटे बिजली दहिलामऊ से मिलेगी। उसके बाद गड़वारा सबस्टेशन के स्वतंत्र फीडर से दोनों अस्पतालों को जोड़ दिया जाएगा। सितंबर महीने में अस्पताल को चौबीस घंटे बिजली देने की तैयारी है। अभी तक बिजली विभाग को बिजली देने के लिये अलग से फीडर की व्यवस्था नहीं की गई है।
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