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शनिवार, 3 सितंबर 2016

रामसेवक विश्वकर्मा

प्रतापगढ़ -बैंकों में तालाबंदी, अस्पतालों में तड़पे मरीज

जिले में ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल का व्यापक असर रहा। बैंकों में तालाबंदी होने से जहां लगभग 20 करोड़ रुपये का कारोबार ठप रहा, वहीं जिला अस्पताल में कर्मचारियों और नर्सों के हड़ताल के चलते मरीज तड़पते रहे। गुरुवार की रात बारह बजे से स्थिर हुए रोजवेज बसों के चक्के शुक्रवार को दोपहर बारह बजे तक नहीं हिले। हालांकि 12 बजे के बसें चलने पर मुसाफिरों ने राहत की सांस ली। विकास भवन, कृषि भवन, रेलवे, अस्पताल, दूरसंचार विभाग, कलेक्ट्रेट, सिंचाई, लोक निर्माण विभाग में कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर कामकाज पूरी तरह ठप रखा।  हड़ताली कर्मियों का दावा है कि हड़ताल पूरी तरह से सफल रही।

शुक्रवार को ट्रेड यूनियन की देशव्यापी हड़ताल में शामिल मजदूरों, कर्मचारियों और बैंक कर्मियों की गर्जना से सरकारी कार्यालयों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। भारतीय स्टेट बैंक को छोड़कर सभी शाखाओं में कर्मचारी नेताओं ने तालाबंदी कर शाखा के बाहर प्रदर्शन किया। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और आईडीबीआई बैंक के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने राष्ट्रीयकृत बैंकों के विलय नीति का विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी की। बैंकों में तालाबंदी होेने से लगभग बीस करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित रहा। पीएनबी के सामने एकत्रित कर्मचारियों को संबोधित करते हुए यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के मंत्री नारेंद्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि जन विरोधी बैंकिंग सुधारों के खिलाफ आन्दोलन जारी रहेगा। इस मौके पर केएन यादव, आरबी सिंह, श्याम शंकर दुबे, हर्षिता शुक्ला, उदय प्रताप सिंह, सतीश चंद्र श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इधर बिजली, जलनिगम, लोक निर्माण विभाग, दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों और मजदूरों ने हादीहाल से जुलूस निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विदेशी पूंजी निवेश का विरोध, मंहगाई पर रोक लगाने, न्यूनतम मजदूरी की दर से वेतन सुनिश्चित करने की मांग की।

कचहरी में हुए धरना प्रदर्शन में मजदूर नेता हेमन्त नंदन ओझा ने कहा कि आंगनबाड़ी, रसोइया, प्रेरक,  आशाओं को मिलने वाला मानदेय इतना कम है कि आम आदमी का गुजार बसर नहीं हो सकता है। मगर केंद्र सरकार शर्मिन्दगी की इंतहा पार कर दी है। उन्होंने न्यूनतम मजदूरी की दर से 26,000 वेतन सुनिश्चित करने की मांग की है। इस मौके पर महिला आंगनबाडी  कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष माधुरी सिंह, अनिल सिंह, राजमणि पांडेय, उमेश नागवंशी,  लाल बहादुर तिवारी, अनूप श्रीवास्तव, सुनील श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। इस दौरान कर्मचारियों और मजदूरों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके पूर्व कर्मचारी नेताओं ने कार्यालयों में तालाबंदी कर कार्य कर रहे साथियों को बाहर किया।

व्यापारियों ने फूंका वित्तमंत्री का पुतला
जीएसटी में व्यापारियों को जेल भेजने के प्रावधान को वापस लेने की मांग को लेकर व्यापारियों ने शुक्रवार को वित्तमंत्री का पुतला फूंका। उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह छावड़ा और जिलामंत्री राजेंद्र कुमार केसरवानी के नेतृत्व में शहर में जुलूस निकाला और कचहरी पहुंचकर वित्तमंत्री का पुतला फूंका। व्यापारियों ने वित्त मंत्री को संबोधित डीएम को ज्ञापन सौंपकर जेल भेजने के प्रावधान को वापस लेने की मांग की है। इस मौके पर संजय सोनी, मो अख्तर राईन, प्रदीप यादव, रामेश्वर प्रसाद, भोलानाथ वैश्य, दिनेश कुमार, मुरलीधर केसरवानी, प्रभात कुमार सोनी आदि मौजूद रहे।

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