मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने कहा है कि अगर प्रशासन संवेदनशील हो तो बहुत से मामले कोर्ट जाने से बच सकते हैं। अगर आज ग्राम पंचायत स्तर पर पंच परमेश्वर की अवधारणा के तहत विवाद सुलझाने की व्यवस्था होती तो आगरा में परिवार के बीच हत्याएं होने जैसी घटना नहीं होती। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह बात इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के सभागार में हुए राज्य विधिक सेवा अधिकरण के कार्यक्रम में कही। समारोह में टेली ला परियोजना का शुभांरभ किया गया। इसके तहत कामन सर्विस सेंटर के जरिए गरीब लोगों को कानूनी सहायता दिलाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार गरीबों को सस्ता, सुलभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सीएम ने कहा कि न्याय आसानी से मिले, ये बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्राचीन न्याय व्यवस्था सामजिक मूल्यों पर टिकी हुई थी। इसमें धर्म विरुद्ध काम करने पर दंड व प्राश्चित करने का प्रावधान था जबकि अब केवल दंड की ही व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि जब लोग अपनों से थक जाते हैं और निराश हो जाते हैं, तो फिर वह न्याय के लिए न्यायपालिका पर विश्वास जजाते हैं। सीएम ने ग्राम न्यायालय की वकालत करते हुए कहा कि यूपी 59 हजार ग्राम पंचायते हैं। यह पंचायतें विवाद सुलझा सकती हैं। क्या हम लोग पंच परमेश्वर की अवधारणा को अपना पाएंगे। गांव से जुड़े अपराध जब बढ़ते हैं, तो संगीन अपराध होते हैं। आगरा में विवाद हुआ दो परिवारों के बीच का मामला था। एक हत्या हुई तो पुलिस पहुंचने से पहले दूसरी हत्या हो गई। ग्राम न्यायालय की अवधारणा को आगे बढ़ा सकें अदालतों में मुकदमों से निजात मिल सकती है।
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