नगर पंचायत पिपराइच मे स्वच्छ भारत मिशन अभियान कौ जिम्मेदार करारा झटका दे रहे है । शौचालय निर्माण के चयनित एक हजार से अधिक लाभाथियों मे से एक साल के भीतर मात्र एक तिहाई ने ही शौचालय बन पाया । जो शौचालय बनकर तैयार है उन्हे भी अनुदान राशि न मिलने से नाराज लाभार्थियो ने जिलाधिकारी को पत्रक देकर जांच की मांग की है ।
जानकारी अनुसार नगर पंचायत पिपराईच मे स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत गत वर्ष शौचालय बनाने के लिए लाभार्थियो से आवेदन मांगा गया था । कुल लगभग 1457 लोगों ने आवेदनो के जांच के बाद लगभग 1098 लाभार्थियो का चयन हुआ । इस चयन प्रक्रिया पर भी राजनीति करने की शिकायत सभासदो ने किया ।
बरहाल पहले चक्र मे लगभग 350 बनाने का निर्देश हुआ । जरूरत मंद अपने खर्च से शौचालय भी बना लिये । परन्तु इन लाभाभार्थियो को मिलने वाले 8000 रुपये के अनुदान राशि मे से किसी को 2000 तो किसी को 4000 तो किसी को 6000 का भुगतान हुआ । पैसे के अभाव मे वार्ड न0 1 दलित बस्ती निवासी महेन्द्र प्रसाद, राम नरेश जनार्दन आदि ने अधूरा शौचालय ही बनाकर साल भर से छोड़ दिये है ।
वही वार्ड न0 दो दलित बस्ती के सपना ,प्रमोद , सुनीता ,काशी , पूनम आदि शौचालय बनाकर नगर पंचायत तथा चेयरमैन के घर का छः महिने से चक्कर लगा रहे है । फिर भी अनुदान का भुगतान नही हो रहा है ।
लाभार्थियो का कहना है कि जिम्मेदार जानबूझ कर हम लोगो के अनुदान का भुगतान नही कर रहे है । पार्षद भी हम लोगो का सहयोग कर भुगतान नही करा रहे है ।
इस सम्वन्ध मे वार्ड न0 दो के पार्षद व भाजपा नेता शिव मंगल वर्मा ने बताया कि नगर पंचायत भाजपा सरकार के नीतियों के बिपरीत काम कर रही है । इस मद में लगभग 90 लाख रुपये खाते मे है । पिपराईच को समय से ओडीएफ करना सपना है । हमने लाभार्थियो के हस्ताक्षर युक्त शिकायत जिलाधिकारी महोदय को देकर जांच कर कार्यवाही की मांग की है ।
नगर पंचायत के कार्यालय सहायक नाथूराम ओझा ने कहाकि 35 चेक बनाकर रखा गया है । ईओ पद रिक्त होने से भुगतान नही हो पाया है ।
tikhiawaz24.in
गुरुवार, 8 जून 2017
एक हजार से अधिक लाभाथियों मे से एक साल के भीतर मात्र एक तिहाई ने ही शौचालय बन पाया
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